خَبِّرِي يَا نُسِيْمَةْ عَنْ مُغْرَم
ऐ मंद समीर, प्रेमी का हाल सुना।
Hi
خَبِّرِي يَا نُسِيْمَةْ عَنْ مُغْرَمْ
شَجِي وَلْهَانْ عَاشِقِ الْأَنْوَارْ
ऐ मंद समीर, उस प्रेमी का हाल सुनाओ
जो व्यथित और व्याकुल है, जो दिव्य नूर का दीवाना है
أَنْتِ عَنِّي اشْتَكِي لُهْ عَنْ حَالِي
طُولَ اللَّيَالِي سَهْرَانْ كَيْ أَرَى الْمُخْتَارْ
तुम मेरी ओर से उनसे मेरी व्यथा कहो
कि मैं रात भर जागता हूँ ताकि 'मुस्तफ़ा' का दीदार कर सकूँ
مَنْ يَلُمْنِي فِي غَرَامِي طَالَمَا عَاشِقْ جَمَالَكْ
كُنْ شَفِيعِي يَا تِهَامِي جُدْ تَعَطَّفْ بِنَوَالَكْ
मेरे प्रेम पर मुझे कौन दोष दे जब तक मैं आपके सौंदर्य का प्रेमी हूँ
हे तिहामी! मेरे शफ़ीअ बनिए और अपनी उदारता से मुझ पर कृपा कीजिए
يَا مُحَمَّدْ يَا مُمَجَّدْ يَا مُؤَيَّدْ بِالْشَّفَاعَةْ
هَا أَنَا عِنْدَ بَابِك أَرْتَجِي الْأَنْظَارْ
ऐ मुहम्मद, ऐ महिमामय, ऐ शफ़ाअत से विभूषित
मैं आपके द्वार पर खड़ा आपकी एक कृपालु दृष्टि का अभिलाषी हूँ