مَا مَعِي وَجَهْ قَابِل بِهْ سِوَى حُسُنْ ظَنِّي
मेरे पास तुम्हारे सामने आने के लिए तुम्हारे प्रति मेरी नेक उम्मीद के सिवा कुछ नहीं है।
Hi
مَا مَعِي وَجَهْ قَابِل بِهْ سِوَى حُسُنْ ظَنِّي
فِيكْ يَا رَبِّ فَارْحَمْنِي وَلَا تَمْتَحِنِّي
तेरे हुज़ूर पेश होने के लिए मेरे पास सिवाय तुझ पर मेरे नेक गुमान के कुछ नहीं
ऐ मेरे रब, मुझ पर रहम फ़रमा और मुझे आज़माइश में न डाल
تُبْتْ يَا رَبِّ فَاقْبَلْ تَوْبَتِي وَاعْفُ عَنِّي
وَامْحُ ذَنْبِي وَسَامِحْ كُلَّ تَقْصِيرْ مِنِّي
ऐ मेरे रब, मैंने तौबा की है, मेरी तौबा क़बूल कर और मुझे माफ़ कर
मेरे गुनाह मिटा दे और मेरी हर कोताही को दरगुज़र कर दे
خِفِتْ مِنْ عَاقِبَةْ أَمْرِي فَجُدْ لِي بِأَمْنِي
مَحِضْ فَضْلٍ وَإِحْسَانٍ وَجُودٍ وَمَنِّ
मुझे अपने अंजाम से डर लगता है, अपनी इनायत से मुझे अमान बख्श दे
महज़ अपने फ़ज़्ल, एहसान, सखावत और करम के ज़रिए
آه مِنْ عَثْرَتِي يَا رَبِّ مِنْهَا أَقِلْنِي
زَادْ ذَنْبِي وَمِنْ كُثْرِ الْخَطَا حَارْ ذِهْنِي
आह! ऐ मेरे रब, मेरी इस लडखडाहट से मुझे उठा ले
मेरे गुनाह बढ़ गए हैं और अपनी ख़ताओं की ज़ियादती से मेरी अक़्ल हैरान है
أَدْرِكْ أَدْرِكْ بِتَعْجِيلِ الْفَرَجْ وَانْتَقِدْنِي
وَاعْطِنِي عِلِمْ مِنْكَ يَا إِلَهِي لَدُنِّي
मेरी मदद को आ, मेरी मदद को आ, जल्द राहत अता कर और मुझे नजात दे
और ऐ मेरे इलाही, मुझे अपनी बारगाह से इल्म-ए-लदुन्नी अता कर
يَنْجَلِي بِهْ عَنِ الْقَلْبِ الْصَّدِى كُلَّ رَيْنِ
ياَ سَمِيعَ الْدُّعَاءْ سَلْكَ اسْتَجِبْ وَاسْتَمِعْنِي
जिससे दिल का सारा ज़ंग और हर पर्दा छँट जाए
ऐ दुआओं के सुनने वाले, मेरी दुआ क़बूल कर और मेरी अर्ज़ सुन ले
مَا لِي إِلَّا أَنْتَ مُعْطِي
مَا لِي إِلَّا أَنْتَ مُغْنِي
तेरे सिवा मेरा कोई अता करने वाला नहीं
तेरे सिवा मेरा कोई ग़नी करने वाला नहीं