قَدْ بَدَا إِلَيَّ نُورُهَا عَشِياً
Her Light Appeared to Me at Dusk
Hi
قَدْ بَدَا إِلَيَّ
نُورُهَا عَشِيَّا
मुझ पर ज़ाहिर हुआ
शाम के समय उसका नूर
ذَاتٌ فَتَنَتْ فِي حُلَى حُسْنِهَا الْبَرِيَّة
वो ज़ात जिसने अपने हुस्न के ज़ेवरों से मख़लूक़ को मोहित कर लिया
أَسْمَاءٌ جَلِيلَةْ
كَمْ شَفَتْ عَلِيَلا
वे महान और श्रेष्ठ नाम
जिन्होंने न जाने कितने बीमारों को शिफ़ा दी
أَمْسَى قَتِيلاً فِي الْهَوَى وَقَضَى الْمَنِيَّةْ
वो इश्क़ में शहीद हुआ और अपनी मौत को पा लिया
صَا حِ لَا تَلُمْنِي
مَدْحُ الْنَّبِي فَنِّي
ऐ दोस्त! मुझे मलामत न कर
नबी की मदह ही मेरा फ़न है
خَمْرِيَ وَ دَنِي مِنْ طِلَا ثَغْرِ هَا الدُرِيَّة
मेरी शराब और सुराही उस मोतियों जैसे मुख के अमृत से है
صَلَى ذُو الْجَلَالِ
عَلَى الْنَّبِي الْغَا لِي
जलाल वाले रब ने दुरूद भेजा
उन अज़ीज़ और बुलंद नबी पर
ثُمَّ الْآلِ ذَوِي الْعُلَا الْصَّحْبِ وَالْذُرِيَّة
फिर उनके आला मर्तबा आल, असहाब और ज़ुर्रियत पर