يَا عَيْنَ الرَحْمَةْ مُحَمَدْ
हे दया के स्रोत, मुहम्मद
Hi
Hi
يَـا عَـيْـنَ الـرَحْـمَـةْ مُـحَـمَـدْ
يَـا عَـيْـنَ الـرَحْـمَـةْ مُـحَـمَـدْ
या स्रोत दया, मुहम्मद
या स्रोत दया, मुहम्मद
يَـا عَـيْـنَ الـرَحْـمَـةْ سِـيـدْ احْـمَـدْ
صَـلَـى الـلـهُ عَـلَـيْـكَ سَـيِـدِي
या स्रोत दया, सैयद अहमद
आप पर सलाम हो, मेरे सैयद
أنْـتُـمْ فُـرُوضِـي ونَـفْـلِـي
أنْـتُـمْ حَـدِيـثِـي وَشُـغْـلِـي
आप मेरी फराइज़ और नफ्ल हैं,
आप मेरी बातें और मेरा काम हैं,
يَـا قِـبْـلَـتِـي فِـي صَـلَاتِـي
إذَا وَقَـفْـتُ أُصَـلِّـي
हे मेरी नमाज़ की दिशा
जब मैं नमाज़ के लिए खड़ा होता हूँ
جَـمَـالُـكُـمْ نُـصْـبَ عَـيْـنِـي
إلَـيْـهِ وجَّـهْـتُ كُـلِّـي
आपकी सुंदरता मेरे सामने है,
उसकी ओर मैंने अपनी संपूर्णता को मोड़ा,
وَسِـرُّكُـمْ فِـي ضَـمِـيـرِي
وَالـقَـلْـبُ طُـورُ الـتَّـجَـلِّـي
आपका रहस्य मेरे अंतर्मन में है,
और दिल एक तूर है प्रकट होने का।
اَنَـسْـتُ فِـي الـحَـيِّ نَـاراً
لَـيْـلاً فَـبَـشَّـرْتُ أهْـلِـي
गाँव में मैंने आग देखी
रात को, तो मैंने अपने लोगों को शुभ समाचार दिया
قُـلْـتُ امْـكُـثُـوا فَـلَـعَـلِّـي
أجِـدْ هُـدَايَ لَـعَـلِّـي
कहते हुए, "यहाँ रुको, शायद
मुझे मार्गदर्शन मिल जाए"
دَنَـوْتُ مِـنْـهَـا فَـكَـانَـتْ
نـارُ الـمُـكَـلَّـمِ قَـبـلـي
मैं उसके पास गया, और वहाँ यह था—
संबोधित की आग (मूसा), मेरे सामने!
نـودِيـتُ مِـنـهـا جِـهـاراً
رُدّوا لَـيـالـيَ وَصْـلـي
मुझे उससे सीधे बुलाया गया
मेरी निकटता की रातें लौटाओ
حـتـى إذا مـا تَـدَانَـى ال
مـيـقَـاتُ فـي جَـمْـعِ شـمـلـي
और भी निकट, मिलन बिंदु की ओर
मेरे पहाड़ों का ढहना हुआ,
صـارَتْ جِـبـالـي دكـاً
مـنْ هَـيْـبَـةِ الـمُـتَـجَـلِّـي
प्रकट होने वाले के भय से
एक रहस्य प्रकट हुआ, छिपा हुआ
ولاحَ سـرٌ خَـفـيٌ
يَـدْريـهِ مَـنْ كَـانَ مِـثْـلـي
और मेरे जैसे किसी के द्वारा समझा गया।
मैं अपने युग का मूसा था,
وصِـرْتُ مُـوسَـى زَمَـانـي
مـذ صـارَ بَـعْـضِـيَ كُـلّـي
क्योंकि मैंने अपनी संपूर्णता से सुना।
तो मेरी मृत्यु में मेरी ज़िंदगी है,
فـالـمـوتُ فـيـهِ حـيـاتـي
وفـي حَـيـاتـيَ قَـتـلـي
और मेरी ज़िंदगी में मेरी हत्या।
मैं दरिद्र और परेशान हूँ,
أنـا الـفـقـيـرُ الـمُـعَـنّـى
رِقُّـوا لِـحَـالـي وذُلّـي
मेरी स्थिति और विनम्रता पर दया करो।
हर कोई जिसने पवित्र कब्र (प्रवक्ता मुहम्मद ﷺ) का दौरा किया
كُـلُّ مَـنْ زَارَ الـمَـقَـامَ
فَـالـنَّـبِـي رَدَّ الـسَـلَامَ
प्रवक्ता ने सलाम का जवाब दिया
वह सृष्टि को पूरी तरह जानता है
يَـعْـرِفُ الـخَـلْـقَ تَـمَـامَـا
اَبْـشِـرُو زُوَّارْ مُـحَـمَّـدْ
खुश हो जाओ, मुहम्मद के आगंतुकों
उनका चेहरा चाँदों से बढ़कर है
وَجْـهَـهُ فَـاقَ الـبُـدُورَا
زَادَهُ الـمَـوْلَـى سُـرُورَا
प्रभु ने उनकी खुशी बढ़ाई
वह ब्रह्मांड में एक प्रकाश के रूप में प्रकट हुए
قَـدْ بَـدَا فِـي الـكَـوْنِ نُـورَا
قَـبْـلَ خَـلْـقِ الـلـه مُـحَـمَّـدْ
सभी ईश्वर की सृष्टि से पहले, मुहम्मद!