سَكَنَ الْفُؤَادَ فَعِشْ هَنِيئاً يَا جَسَدْ
The Beloved Dwells Within the Heart, So Live in Bliss
Hi
مَدَدْ مَدَدْ مَدَدْ مَدَدْ
مَدَدْ يَا رَسُولَ الله
मदद! मदद! मदद! मदद!
हमारी मदद फरमाइए, ऐ अल्लाह के रसूल!
سَكَنَ الْفُؤَادَ فَعِشْ هَنِيئاً يَا جَسَدْ
هَذَا النَّعِيمُ هُوَ الْمُقِيمُ إِلَى الْأَبَدْ
महबूब दिल में बस गए हैं, ऐ जिस्म! अब चैन से रह
यह वह शाश्वत सुख है जो हमेशा रहने वाला है
أَصْبَحْتُ فِي كَنَفِ الْحَبِيبِ وَمَنْ يَكُنْ
جَارَ الْحَبِيبِ فَعَيْشُهُ الْعَيْشُ الرَّغَدْ
तुम महबूब के साये में आ गए हो; और जो कोई
महबूब का पड़ोसी हो जाए, उसका जीवन सुख और विलास का जीवन है
عِشْ فِي أَمَانِ اللَّهِ تَحْتَ لِوَائِهِ
لَا خَوْفَ فِي هَذَا الْجَنَابِ وَلَا نَكَدْ
अल्लाह की पनाह और उसके परचम तले बेखौफ जी
इस हुज़ूर में न कोई डर है और न ही कोई रंज
لَا تَخْشَ مِنْ فَقْرٍ فَعِنْدَكَ بَيْتُ مَنْ
كُلُّ الْمُنَى لَكَ مِنْ أَيَادِيهِ مَدَدْ
तंगहाली का खौफ न कर, क्योंकि तू उसके दर पर है
जिसके सखी हाथों से तेरी हर मुराद मदद बनकर निकलती है
رَبُّ الْجَمَالِ وَمُرْسِلُ الْجَدْوَى
هُوَ فِي الْمَحَاسِنِ كُلِّهَا فَرْدٌ أَحَدْ
सौंदर्य के स्वामी और प्रचुर दान देने वाले
वह अपनी हर पूर्णता में अद्वितीय और बेमिसाल हैं
قُطْبُ النُّهَى غَوْثُ الْعَوَالِمِ كُلِّهَا
أَعْلَى مَنْ سَادَ أَحْمَدُ مَنْ حَمَدْ
बुद्धि के केंद्र और तमाम जहानों के मददगार
महानता पाने वालों में सबसे ऊँचे, अहमद, जो सबसे प्रशंसित हैं
رُوحُ الْوُجُودِ حَيَاةُ مَنْ هُوَ وَاجِدُ
لَوْلَاهُ مَا تَمَّ الْوُجُودُ لِمَنْ وَجَدْ
सृष्टि की रूह, हर जीवित आत्मा का जीवन
यदि वह न होते, तो अस्तित्व पूर्णता को प्राप्त न होता
عِيسَى وَآدَمُ وَالصُّدُورُ جَمِيعُهُمْ
هُمْ أَعْيُنٌ هُوَ نُورُهَا لَمَّا وَرَدْ
ईसा और आदम, और सृजन के तमाम महान पुरुष
वे आँखों की तरह हैं, जबकि वह वह नूर हैं जिससे आँखें देखती हैं
لَوْ أَبْصَرَ الشَّيْطَانُ طَلْعَةَ نُورِهِ
فِي وَجْهِ آدَمَ كَانَ أَوَّلَ مَنْ سَجَدْ
यदि शैतान उनके नूर की चमक देख लेता
आदम के चेहरे पर, तो वह सजदा करने वालों में सबसे अव्वल होता
أَوْ لَوْ رَأَى النُّمْرُودُ نُورَ جَمَالِهِ
عَبَدَ الْجَلِيلَ مَعَ الْخَلِيلِ وَلَا عَنَدْ
और यदि नमरूद उनके सौंदर्य का प्रकाश देख लेता
तो वह हज़रत इब्राहीम के साथ उस महान रब की इबादत करता, बिना किसी विरोध के
لَكِنَّ جَمَالَ اللَّهِ جَلَّ فَلَا يُرَى
إِلَّا بِتَخْصِيصٍ مِنَ اللَّهِ الصَّمَدْ
मगर अल्लाह का नूर हर दृष्टि से परे है
सिवाय उस विशेष कृपा के जो अल्लाह, शाश्वत सहारे की ओर से अता हो
فَأَبْشِرْ بِمَنْ سَكَنَ الْجَوَانِحَ مِنْكَ يَا
مَنْ قَدْ مَلَأْتَ مِنَ الْمُنَى عَيْناً وَيَدْ
तो उस पर प्रसन्न हो जो तेरे सीने में समा गया है
ऐ वह जिसकी आँखें और हाथ हर पूरी हुई मुराद से भर गए हैं
عَيْنُ الْوَفَا مَعْنَى الصَّفَا سِرُّ النَّدَى
نُورُ الْهُدَى وَرُوحُ النُّهَى جَسَدُ الرُّشْدْ
वफ़ा की वास्तविकता, शुद्धता का अर्थ, उदारता का रहस्य
मार्गदर्शन का नूर, हिकमत की रूह, और सत्यनिष्ठा का स्वरूप
ثُمَّ الصَّلَاةُ عَلَى النَّبِيِّ الْمُرْتَضَى
الْجَامِعِ الْمَخْصُوصِ مَا دَامَ الْأَبَدْ
फिर उस मुर्तज़ा नबी पर हमेशा दुरूद व सलाम हो
जो सर्वगुण संपन्न और विशिष्ट हैं, जब तक कि अनंत काल शेष है