متى قلب الشجي المضنى لمغناكم يعود
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مَـتَى قَلْبُ الشَّجِي الْمُضْنَى لِمَغْنَاكُمْ يَعُودْ
وَشَـمْسُ الحَضْـرَةِ الْحَسْنَا تُوَافِي بِالشُّهُودْ
शोकाकुल और क्षीण हृदय आपके निवास पर कब लौटेगा,
और उपस्थिति का सुंदर सूर्य कब स्वयं की गवाही लेकर आएगा?
كَـوَوْا فـِي جَمْـرَةِ الْحُـبِّ فُؤَادَ الْمُسْتَهَامْ
وَخَطْـبِي فِيهِـمُ خَطْـبِي وَقَـدْ شَـبَّ الْغَرَامْ
उन्होंने प्रेम के दीवाने के हृदय को इश्क़ के अंगारों पर जला दिया,
और उनके बीच मेरी फरियाद केवल मेरी है — अब जबकि यह जुनून भड़क उठा है।
وَدَمْعِـي وَالضَّنَا يُنْبِي عَنِ الْوَجْدِ الضِّرَامْ
وَفِيهِـمْ طَـابَ لِي سَلْبِي وَلَوْ طَالَ الصُّدُودْ
मेरे आँसू और मेरा क्षीण होना लालसा की आग को बयां करते हैं,
और उनके बीच मेरा सब लुट जाना भी मुझे मीठा लगा, भले ही ये बेरुखी लंबी चली।
مَـتَى قَلْبُ الشَّجِي الْمُضْنَى لِمَغْنَاكُمْ يَعُودْ
وَشَـمْسُ الحَضْـرَةِ الْحَسْنَا تُوَافِي بِالشُّهُودْ
शोकाकुल और क्षीण हृदय आपके निवास पर कब लौटेगा,
और उपस्थिति का सुंदर सूर्य कब स्वयं की गवाही लेकर आएगा?
أَلَا يَـا حَـادِيَ الرَّكْبِ فَأَوْجِزْ لِي الطَّرِيقْ
وَسِـرْ بِـاللَّهِ فِـي قَلْبِي إِلَى أَعْلَى رَفِيقْ
ऐ कारवां के सारथी, मेरे इस रास्ते को छोटा कर दो,
और ईश्वर के वास्ते, मेरे हृदय में सर्वोच्च साथी की ओर सफर करो।
وَإِنْ وَافَـى سَـنَا الْحِـبِّ فَخَيِّـمْ بِالْعَقِيقْ
وَشَـفِّعْ بِـذَوِي الْقُـرْبِ عَسَـى حِبِّي يِجُودْ
और यदि प्रिय का नूर तुम्हें मिले, तो अल-अकीक़ में अपना तंबू लगाना,
और करीबियों को सिफारिश करने देना — शायद मेरा प्रिय कृपा कर दे।
مَـتَى قَلْبُ الشَّجِي الْمُضْنَى لِمَغْنَاكُمْ يَعُودْ
وَشَـمْسُ الحَضْـرَةِ الْحَسْنَا تُوَافِي بِالشُّهُودْ
शोकाकुल और क्षीण हृदय आपके निवास पर कब लौटेगा,
और उपस्थिति का सुंदर सूर्य कब स्वयं की गवाही लेकर आएगा?
وَخُـذْ بِـالْمُغْرَمِ الصَّـبِّ لِأَعْتَـابِ الْكِـرَامْ
عَسَـى أَنْ يَرْحَمُـوا صَـبِّي دُمُوعاً بِانْسِجَامْ
इस प्रेम-रोगी ऋणी को महान लोगों की चौखट तक ले चलो;
शायद वे मेरी तड़प पर तरस खाएं, जब मेरे आँसू लयबद्ध होकर बह रहे हों,
وَيَرْضَـوْنِي عَلَـى عَيْـبِي بِـذَيَّاكَ الْمَقَـامْ
وَيَجْلُـو وَصْـلُهُمْ كَرْبِي وَيَحْلُو لِي الْوُرُودْ
और मेरी खामियों के बावजूद मुझे उस सर्वोच्च स्थान पर स्वीकार कर लें,
उनका मिलन मेरी पीड़ा को दूर करेगा, और जल-स्त्रोत तक आना मधुर हो जाएगा।
مَـتَى قَلْبُ الشَّجِي الْمُضْنَى لِمَغْنَاكُمْ يَعُودْ
وَشَـمْسُ الحَضْـرَةِ الْحَسْنَا تُوَافِي بِالشُّهُودْ
शोकाकुल और क्षीण हृदय आपके निवास पर कब लौटेगा,
और उपस्थिति का सुंदर सूर्य कब स्वयं की गवाही लेकर आएगा?
أَلَا يَـا جِيـرَةَ الشِّعْبِ صِلُوا هَذَا الْفَقِيرْ
وَرِقُّـوا وَارْحَمُـوا شَيْبِي فَهَا دَمْعِي غَزِيرْ
ऐ अल-शिब के पड़ोसियों, इस फकीर के साथ अपना नाता बनाए रखो;
कोमल बनो, मेरे सफेद बालों पर रहम करो — देखो, मेरे आँसू छलक रहे हैं।
وَغُضُّوا الطَّرْفَ عَنْ ذَنْبِي فَبِالْعَفْوِ الْكَبِيرْ
كَــثِيرٌ فَــازَ بِـالْقُرْبِ وَإِطْلَاقِ الْقُيُـودْ
मेरे गुनाहों से अपनी नज़रें फेर लो, क्योंकि उस विशाल क्षमा के ज़रिए
बहुतों ने नज़दीकी पाई है, और अपनी जंज़ीरों से मुक्ति हासिल की है।
مَـتَى قَلْبُ الشَّجِي الْمُضْنَى لِمَغْنَاكُمْ يَعُودْ
وَشَـمْسُ الحَضْـرَةِ الْحَسْنَا تُوَافِي بِالشُّهُودْ
शोकाकुल और क्षीण हृदय आपके निवास पर कब लौटेगा,
और उपस्थिति का सुंदर सूर्य कब स्वयं की गवाही लेकर आएगा?
صَـلَاةُ الْحِـبِّ لِلْحِـبِّ عَلَـى مَجْلَـى السَّـلَامْ
يُحْيِيـهِ بِهَـا رَبِّـي نَعِيمـاً فِـي الدَّوَامْ
प्रेमी की प्रार्थना, प्रिय के लिए, शांति के प्रकट हुए दर्पण पर,
मेरा प्रभु इसके साथ कभी खत्म न होने वाले आनंद में उसका अभिवादन करे,
وَيَسْـرِي فَيْضُـهَا الْوَهْـبِي إِلَى الْآلِ الْكِرَامْ
وَ يُجْدِي شَاكِرُ الشُّرْبِ كَمَالاً فِي الْوُجُودْ
और इसका यह मुक्त प्रवाह महान घराने तक बहता रहे,
और रस पीने वाले उस आभारी को सम्पूर्ण अस्तित्व में पूर्णता प्रदान की जाए।