يَا مَرْحَبًا بِالْهَاشِمِيَّةِ
ऐ हाशमी, आपका स्वागत है!
Hi
Hi
يَا رَبِّ صَلِّ عَلَى النَّبِي
مُحَمَّدٍ خَيْرِ الْأَنَامِ
ऐ मेरे रब, नबी पर रहमतें नाज़िल फ़रमा
मुहम्मद (स.अ.व) पर, जो तमाम मख़लूक़ में सबसे बेहतर हैं
أَنْتِ الشَّرِيفَةُ وَالْكَرِيمَةُ
وَالْكَثِيرَةُ لِلصِّيَامِ
आप निहायत शरीफ़ और साहिबे-करम हैं
और कसरत से रोज़े रखने वाली हैं
يَا رَبِّ صَلِّ عَلَى النَّبِي
مُحَمَّدٍ خَيْرِ الْأَنَامِ
ऐ मेरे रब, नबी पर रहमतें नाज़िल फ़रमा
मुहम्मद (स.अ.व) पर, जो तमाम मख़लूक़ में सबसे बेहतर हैं
هَلْ فِي الْوَرَى جَدٌّ كَجَدِّكِ
أَحْمَدَ خَيْرِ الْأَنَامِ
क्या दुनिया में आपके दादा जैसा कोई दादा है
अहमद (स.अ.व) जो मख़लूक़ में सबसे अफ़ज़ल हैं
يَا رَبِّ صَلِّ عَلَى النَّبِي
مُحَمَّدٍ خَيْرِ الْأَنَامِ
ऐ मेरे रब, नबी पर रहमतें नाज़िल फ़रमा
मुहम्मद (स.अ.व) पर, जो तमाम मख़लूक़ में सबसे बेहतर हैं
هَلْ فِي الْوَرَى أُمٌّ كَأُمِّكِ
نُورُهَا يَجْلُو الظَّلَامَ
क्या ज़माने में आपकी माँ जैसी कोई माँ है
जिनका नूर हर अंधेरे को मिटा देता है
يَا رَبِّ صَلِّ عَلَى النَّبِي
مُحَمَّدٍ خَيْرِ الْأَنَامِ
ऐ मेरे रब, नबी पर रहमतें नाज़िल फ़रमा
मुहम्मद (स.अ.व) पर, जो तमाम मख़लूक़ में सबसे बेहतर हैं
وَأَبُوكِ حَيْدَرُ مَنْ لَهُ
بَأْسٌ لَدَى حَرْبِ اللِّئَامِ
और आपके वालिद हैदर हैं
जो बदबख़्तों के ख़िलाफ़ जंग में अज़ीम हैबत रखते हैं
يَا رَبِّ صَلِّ عَلَى النَّبِي
مُحَمَّدٍ خَيْرِ الْأَنَامِ
ऐ मेरे रब, नबी पर रहमतें नाज़िल फ़रमा
मुहम्मद (स.अ.व) पर, जो तमाम मख़लूक़ में सबसे बेहतर हैं
يَا مَرْحَبًا بِالْحِبِّ زَيْنِ
الْعَابِدِينَ عَلَى الدَّوَامِ
ऐ महबूब ज़ैनुल आबेदीन, आपका हर वक़्त इस्तक़बाल है
जो इबादत गुज़ारों की ज़ीनत हैं
يَا رَبِّ صَلِّ عَلَى النَّبِي
مُحَمَّدٍ خَيْرِ الْأَنَامِ
ऐ मेरे रब, नबी पर रहमतें नाज़िल फ़रमा
मुहम्मद (स.अ.व) पर, जो तमाम मख़लूक़ में सबसे बेहतर हैं
مَنْ كَانَ يَلْقَى مَا يُرِيدُ
بِدَارِهِ فِي كُلِّ عَامٍ
जो पा लिया करते थे अपनी हर मुराद
अपने ही दर पर, हर साल
يَا رَبِّ صَلِّ عَلَى النَّبِي
مُحَمَّدٍ خَيْرِ الْأَنَامِ
ऐ मेरे रब, नबी पर रहमतें नाज़िल फ़रमा
मुहम्मद (स.अ.व) पर, जो तमाम मख़लूक़ में सबसे बेहतर हैं
وَصَلَاتُهُ أَلْفٌ مِنَ
الرَّكَعَاتِ فِي يَوْمٍ تُقَامُ
और उनकी नमाज़ एक हज़ार
रकअतों पर मुश्तमिल होती जो हर दिन अदा की जाती
يَا رَبِّ صَلِّ عَلَى النَّبِي
مُحَمَّدٍ خَيْرِ الْأَنَامِ
ऐ मेरे रब, नबी पर रहमतें नाज़िल फ़रमा
मुहम्मद (स.अ.व) पर, जो तमाम मख़लूक़ में सबसे बेहतर हैं
نَبَوِيَّةٌ وَسُكَيْنَةٌ
أُخْتَيْهِ مِنْ خَيْرِ الْأَنَامِ
नबविय्याह और सुकैना उनकी बहनें हैं
जो मख़लूक़ में सबसे आला घरानों से हैं
يَا رَبِّ صَلِّ عَلَى النَّبِي
مُحَمَّدٍ خَيْرِ الْأَنَامِ
ऐ मेरे रब, नबी पर रहमतें नाज़िल फ़रमा
मुहम्मद (स.अ.व) पर, जो तमाम मख़लूक़ में सबसे बेहतर हैं
وَرُقَيَّةٌ وَنَفِيسَةٌ
أَنْفَاسُهُمْ مِسْكُ الْخِتَامِ
और रक़ैय्या और नफ़ीसा की हर सांस
मुश्क की ख़ुशबू जैसा एक पाकीज़ा ख़ातिमा है
يَا رَبِّ صَلِّ عَلَى النَّبِي
مُحَمَّدٍ خَيْرِ الْأَنَامِ
ऐ मेरे रब, नबी पर रहमतें नाज़िल फ़रमा
मुहम्मद (स.अ.व) पर, जो तमाम मख़लूक़ में सबसे बेहतर हैं
وَكَذَاكَ عَائِشَةُ الَّتِي
مِنْ جَعْفَرٍ ذَاتُ الْمَقَامِ
और वैसी ही आयशा हैं, जो इमाम जाफ़र की साहिबज़ादी हैं
और आला मकाम व मज़ार वाली हैं
يَا رَبِّ صَلِّ عَلَى النَّبِي
مُحَمَّدٍ خَيْرِ الْأَنَامِ
ऐ मेरे रब, नबी पर रहमतें नाज़िल फ़रमा
मुहम्मद (स.अ.व) पर, जो तमाम मख़लूक़ में सबसे बेहतर हैं
مُوسَى وَبَاقِرُ جَعْفَرٌ
أَهْلُ الْمَوَدَّةِ وَالسَّلَامِ
मूसा, बाक़िर और जाफ़र
जो निहायत मुहब्बत और सलामती वाले हैं
يَا رَبِّ صَلِّ عَلَى النَّبِي
مُحَمَّدٍ خَيْرِ الْأَنَامِ
ऐ मेरे रब, नबी पर रहमतें नाज़िल फ़रमा
मुहम्मद (स.अ.व) पर, जो तमाम मख़लूक़ में सबसे बेहतर हैं
آلَ النَّبِي نَوَدُّهُمْ
وَبِوِدِّهِمْ نَلْقَى الْمَرَامَ
नबी के घराने से हम सच्ची मुहब्बत करते हैं
और उनकी उल्फ़त के वसीले से अपनी मुरादें पाते हैं
يَا رَبِّ صَلِّ عَلَى النَّبِي
مُحَمَّدٍ خَيْرِ الْأَنَامِ
ऐ मेरे रब, नबी पर रहमतें नाज़िल फ़रमा
मुहम्मद (स.अ.व) पर, जो तमाम मख़लूक़ में सबसे बेहतर हैं
أَنْتُمْ كِرَامٌ وَالْكِرَامُ
لَهُمْ لَدَى اللهِ احْتِرَامُ
आप सब सख़ी हैं और सख़ी लोगों का
अल्लाह के नज़दीक बड़ा मर्तबा और एहतिराम है
يَا رَبِّ صَلِّ عَلَى النَّبِي
مُحَمَّدٍ خَيْرِ الْأَنَامِ
ऐ मेरे रब, नबी पर रहमतें नाज़िल फ़रमा
मुहम्मद (स.अ.व) पर, जो तमाम मख़लूक़ में सबसे बेहतर हैं
مَنْ جَاءَ يَسْعَى نَحْوَكُمْ
للهِ حَقًّا لَا يُضَامُ
जो कोई भी आपकी जानिब दौड़ कर आए
अल्लाह की ख़ातिर, वह कभी महरूम नहीं रहता
يَا رَبِّ صَلِّ عَلَى النَّبِي
مُحَمَّدٍ خَيْرِ الْأَنَامِ
ऐ मेरे रब, नबी पर रहमतें नाज़िल फ़रमा
मुहम्मद (स.अ.व) पर, जो तमाम मख़लूक़ में सबसे बेहतर हैं
إِجْعَلْ رِضَاكَ عَلَيْهِمُ
يَا رَبِّ فِي دَارِ السَّلَامِ
ऐ मेरे रब, अपनी रज़ा हमेशा उन पर रख
जन्नत यानी सलामती के घर में
يَا رَبِّ صَلِّ عَلَى النَّبِي
مُحَمَّدٍ خَيْرِ الْأَنَامِ
ऐ मेरे रब, नबी पर रहमतें नाज़िल फ़रमा
मुहम्मद (स.अ.व) पर, जो तमाम मख़लूक़ में सबसे बेहतर हैं
مَا الْجَعْفَرِيُّ أَحَبَّهُمْ
يَرْجُو بِذَا حُسْنَ الْخِتَامِ
जब तक जाफ़री उनसे लव लगाए रखे
और इस वसीले से बेहतरीन ख़ातिमे की उम्मीद रखे