فِيَّ حُبٌّ فِيَّ وَجدٌ واشتياقٌ لا يُحَدُّ
يا رَسولَ اللهِ قَلبِي لم يَزَلْ بِاسْمِكَ يَشْدُو
मुझमें प्रेम है, मुझमें है तड़प और असीमित चाहत
हे अल्लाह के रसूल! मेरा दिल कभी आपके नाम का गान करना नहीं छोड़ा
أَنتَ لِلعَالَمِ رَحْمة جِئتَ تَمْحُو كُلَّ ظُلمَة
نَحْنُ يا خَيْرَ رَسولٍ بِكَ صِرْناَ خَيرَ أُمّة
आप संसार के लिए रहमत हैं, आए हैं हर अंधकार को मिटाने
हे श्रेष्ठ रसूल! आपके कारण हम श्रेष्ठ समुदाय बने
فِيَّ حُبٌّ فِيَّ وَجدٌ واشتياقٌ لا يُحَدُّ
يا رَسولَ اللهِ قَلبِي لم يَزَلْ بِاسْمِكَ يَشْدُو
मुझमें प्रेम है, मुझमें है तड़प और असीमित चाहत
हे अल्लाह के रसूल! मेरा दिल कभी आपके नाम का गान करना नहीं छोड़ा
حُبُّكَ السَاكِنُ فِيَّ لَمْ يَزَلْ يَهْمِي عَلَيَّ
بَهْجَةً فِي الرُّوحِ فَاضَتْ وَسَلاماً اَبَدِيَّ
आपका प्रेम जो मेरे भीतर बसा है, वह मुझ पर धीरे-धीरे बरसता है
आनंद और शाश्वत शांति ने मेरी आत्मा को भर दिया है!
فِيَّ حُبٌّ فِيَّ وَجدٌ واشتياقٌ لا يُحَدُّ
يا رَسولَ اللهِ قَلبِي لم يَزَلْ بِاسْمِكَ يَشْدُو
मुझमें प्रेम है, मुझमें है तड़प और असीमित चाहत
हे अल्लाह के रसूल! मेरा दिल कभी आपके नाम का गान करना नहीं छोड़ा
صَلِ يَا رَبِّ عَلَيْهِ وَاسْقِنَا مِنْ رَاحَتَيهِ
ذَابَتِ الرُّوحُ وَتَاقَت وَبَكَتْ شَوقًا إِلَيْهِ
उस पर कृपा बरसाओ हे मेरे स्वामी, हमें उनके पवित्र हाथों से पिलाओ
आत्मा पिघलती है और पश्चाताप करती है, और उनके लिए तड़प में रोती है!
فِيَّ حُبٌّ فِيَّ وَجدٌ واشتياقٌ لا يُحَدُّ
يا رَسولَ اللهِ قَلبِي لم يَزَلْ بِاسْمِكَ يَشْدُو
मुझमें प्रेम है, मुझमें है तड़प और असीमित चाहत
हे अल्लाह के रसूल! मेरा दिल कभी आपके नाम का गान करना नहीं छोड़ा
مُذ دَعَا بِالنُّورِ دَاعٍ رَدَّدَتْ كُلُّ البِقَاعِ
طَلَعَ البَدْرُ عَلَيْنَا مِنْ ثَنِيَّاتِ الوَدَاعِ
जब से आह्वानकर्ता ने अपने पवित्र प्रकाश के साथ पुकारा, हर भूमि ने उत्तर दिया
हम पर पूर्णिमा का चाँद उदित हुआ है वादा की पवित्र घाटी से