يَا سَعْدَ قَوْمٍ
हे कितने भाग्यशाली हैं लोग!
Hi
Hi
يَا سَعْدَ قَوْمٍ بِاللَّهِ فَازُوا
وَلَمْ يَرَوْا فِي الوَرَى سِوَاهُ
ओ, कितने भाग्यशाली हैं वे लोग जिन्होंने अल्लाह को पाया!
और अस्तित्व में उसके सिवा कुछ नहीं देखा!
قَرَّبَهُمْ مِنْهُ وَاجْتَبَاهُمْ
فَنَزَّهُوا الفِكْرَ فِي عُلَاهُ
उसने उन्हें अपने पास बुलाया और चुना
तो उनके मन ने उसे हर अपूर्णता से मुक्त घोषित किया
لَيْسَ لَهُمْ لِلْسِوَى التِفَاتُ
كَيْفَ وَقَدْ شَاهَدُوا سَنَاهُ
उनका झुकाव उसके सिवा किसी और की ओर नहीं है
कैसे हो सकता है जब उन्होंने उसकी महानता देखी है?!
أَزَالَ حُجْبَ الغِطَاءِ عَنْهُمْ
فَاسْتَنْشَقُوا نَفْحَةَ هَوَاهُ
उसने उनके सामने अपने आवरण का पर्दा हटा दिया
तो उन्होंने उसकी प्रेम की सुगंध को सूंघा!
تَجَلَّى بِالنُّورِ وَالبَهَاءِ
لَهُمْ فَقَالُوا يَا هُوَ يَا هُو
उसने प्रकाश और वैभव प्रकट किया
उनके लिए, तो उन्होंने कहा, "ओ वह जो है! ओ वह जो है!"
فَقَالَ أَنَا لَكُمْ مُحِبٌ
رَبٌّ كَرِيمٌ نِعْمَ الإِلَهُ
तो उसने उनसे कहा, "मैं तुम्हारा प्रेमी हूँ!"
क्या उदार भगवान! क्या अद्भुत ईश्वर!
أَقْبَلُ مَنْ تَابَ مِنْ عِبَادِي
وَلَا أُبَالِي بِمَا جَنَاهُ
मैं अपने दासों में से तौबा करने वालों को स्वीकार करता हूँ
और मुझे परवाह नहीं है कि उन्होंने क्या किया है!
المُلْكُ مُلْكِي وَالأَمْرُ أَمْرِي
وَالعِزُّ عِزِّي فَادْخُلْ حِمَاهُ
राज्य मेरा राज्य है! और आदेश मेरा आदेश है!
और शक्ति मेरी शक्ति है! तो उसके पवित्र स्थान में प्रवेश करो!
مَا ذَاقَ طَعْمَ الغَرَامِ إِلّا
مَنْ عَرَفَ الوَصْلَ أَوْ دَرَاهُ
कोई भी प्रेम का स्वाद नहीं जानता सिवाय
उनके जो मिलन को जानते हैं!
مَا قُلْتُ لِلْقَلْبِ أَيُّ حِبِّي
إِلَّا وَقَالَ الضَّمِيرُ اللهُ
मैंने कभी अपने दिल से नहीं कहा, "मेरा प्रिय कौन है?"
सिवाय इसके कि उसने कहा, "अल्लाह!"
إِنِّي إِذَا مَا ذَكَرْتُ رَبِّي
أَهْتَزُّ شَوْقاً إِلَى لِقَاهُ
जब भी मैं अपने प्रभु को याद करता हूँ,
मैं उससे मिलने की लालसा में कांपता हूँ!
أَهِيمُ وَحْدِي بِصِدْقِ وَجْدِي
وَحُسْنُ قَصْدِي عَسَى أَرَاهُ
मैं अकेला भटकता हूँ अपनी सच्ची मस्ती में;
और मेरी सुंदर कोशिश है कि शायद मैं उसे देख सकूँ!
فَانْظُرْ إِلَى الكَوْنِ بِاعْتِبَارٍ
فِي أَرْضِ مَوْلَاكَ وَسَمَاهُ
तो ब्रह्मांड को ध्यान से देखो
अपने मालिक की धरती और उसके आकाश में!
وَاسْمَعْ إِذَا غَنَّتِ المَثَانِي
تَقُولُ يَا هُو لَبَّيْكَ اللهُ
और सुनो जब उसकी प्रशंसा की जाती है
कहो, "ओ वह जो है! मैं आपकी सेवा में हूँ, अल्लाह!"
ثُمَّ الصَّلَاةُ عَلَى الرَّسُولِ
مُحَمَّدٌ رَبُّنَا اصْطَفَاهُ
फिर, पैगंबर पर आशीर्वाद हो!
मुहम्मद, जिन्हें हमारे प्रभु ने चुना!