رَبِّي خَلَقْ طَه مِنْ نُورْ
मेरे रब ने ताहा को नूर से बनाया।
Hi
رَبِّي خَلَقْ طَه مِنْ نُورْ فِيهْ اِحْتِرَامْ
نَادَاهُ أَقْبِلْ يَامُخْتَارْ أَنْتَ اْلأَمِينْ
मेरे रब ने ताहा को नूर से रचा और उन्हें सम्मान दिया
उन्हें पुकारा, "निकट आओ ऐ मुख़्तार, तुम अमीन हो"
لَمَّاارْتَقَى الْبَيْتَ الْمَعْمُورْ صَلّى إِمَامْ
وَقَدْ دَنَا مِنْ رَبِّهِ الْبَاهِي الْجَلِيلْ
जब वे बैत अल-मामूर पर चढ़े तो इमाम बनकर नमाज़ पढ़ाई
और वे अपने रब, उस भव्य और प्रतापी के समीप हुए
إِنْ رُمْتَ أَنْ تَحْظى بِالْحُورْ يَوْمَ الْزِّحَامْ
صَلِّى عَلَى بَاهِي اْلأَنْوَارْ عَيْنِ الْيَقِينْ
यदि तुम हश्र के दिन हूरों को प्राप्त करना चाहते हो
तो उन नूरों की आभा, ऐन-उल-यकीन पर दरूद भेजो