وَدِّيـلِـي سَـلَامِـي يَـا رَايِـحْ لِـلـحَـرَم
मेरी सलामती भेजना, ओ यात्री पवित्र तीर्थस्थल की ओर
Hi
Hi
وَدِّيـلـي سَـلَامِـي يَـا رَايِـحْ لِـلـحَـرَم
وَادْعـيـلـي وَسَـلِّـمْـلـي عَـلَـى هَـادِي الأُمَـمْ
मेरी शांति भेजो, ओ यात्री, पवित्र तीर्थ को
मेरे लिए प्रार्थना करो, और सभी राष्ट्रों के मार्गदर्शक को सलाम करो
اُنـظُـرْ لِـلْـكَـعْـبَـة يَـا مَـحْـلَاهَـا
نُـورٌ وجَـلَالٌ يَـغْـشَـاهَـا
काबा को देखो, कितना सुंदर है यह
प्रकाश और महिमा इसे घेरते हैं
يَـحْـرُسُـهـا رَبِّـي وَيَـرْعـاهـا
اُذْكُـرْنـي أَمَـامَـهـا وَادْعِـيـلِـي
मेरा प्रभु इसकी रक्षा करता है और इसकी देखभाल करता है
इसके सामने मुझे याद करो, और मेरे लिए प्रार्थना करो
وَادْعـيـلـي
और मेरे लिए प्रार्थना करो!
يَـا سَـاعِـي بـهِـمَّـةْ مِـن الـصَّـفَـا لِـلْـمَـرْوَة
يَـا شَـارِبْ مِـنْ زَمْـزَمْ اتـذَكَّـرْنِـي بِـدَعْـوَة
ओ तुम जो सफा से मरवा तक संकल्प के साथ प्रयास करते हो
ओ तुम जो जमजम से पीते हो, मुझे एक प्रार्थना के साथ याद करो
يَـا طَـالِـعْ عَـلَـى جَـبَـلِ الـرَّحْـمَـة
يَـا مَـاشِـي فِـي وَسَـطِ الـزَّحْـمَـة
ओ तुम जो दया के पर्वत पर चढ़ते हो
ओ तुम जो भीड़ के बीच चलते हो
اُطْـلُـبْ مِـنْ مَـولَاكَ الـرَّحْـمَـة
واُذْكُـرْنـي أَمَـامَـهـا وَادْعِـيـلِـي
अपने प्रभु से दया मांगो
और वहां मुझे याद करो, और मेरे लिए प्रार्थना करो
وَادْعِـيـلِـي
और मेरे लिए प्रार्थना करो!
وَدِّيـلـي سَـلَامِـي يَـا رَايِـحْ لِـلـحَـرَم
وَادْعـيـلـي وَسَـلِّـمْـلـي عَـلَـى هَـادِي الأُمَـمْ
मेरी शांति भेजो, ओ यात्री, पवित्र तीर्थ को
मेरे लिए प्रार्थना करो, और सभी राष्ट्रों के मार्गदर्शक को सलाम करो
اُنـظُـرْ لِـلْـكَـعْـبَـة يَـا مَـحْـلَاهَـا
نُـورٌ وجَـلَالٌ يَـغْـشَـاهَـا
काबा को देखो, कितना सुंदर है यह
प्रकाश और महिमा इसे घेरते हैं
يَـحْـرُسُـهـا رَبِّـي وَيَـرْعـاهـا
اُذْكُـرْنـي أَمَـامَـهـا وَادْعِـيـلِـي
मेरा प्रभु इसकी रक्षा करता है और इसकी देखभाल करता है
इसके सामने मुझे याद करो, और मेरे लिए प्रार्थना करो
وَادْعـيـلـي
और मेरे लिए प्रार्थना करो!
هَـنِـيـئًـا هَـنِـيـئًـا يَـا رَايِـح لِـلْـهَـادِي
غَـرَامُـهُ شَـغَـلَـنِـي مَـلَأ كُـلَّ فُـؤَادِي
तुम्हें शुभकामनाएं, ओ यात्री, जो मार्गदर्शक - पैगंबर ﷺ की ओर जा रहे हो
उनका प्रेम मुझे व्यस्त रखता है, यह मेरे पूरे दिल को भर देता है
اُدْخُـلْ مِـنْ بَـابِ الـسَّـلَامِ بِـتَـأَدُّبٍ وَاحْـتِـرَامٍ
سَـلِّـمْ عَـلَـى طٰـهَـا ٱلـتِّـهَـامِـي
बाब अल-सलाम - पैगंबर के दर्शन के द्वार से विनम्रता और सम्मान के साथ प्रवेश करो
तिहामा के ताहा को सलाम करो, शुद्ध व्यक्ति
واسْـأَلْـهُ ٱلـشَّـفَـاعَـةَ وَادْعِـيـلِـي
وَادْعِـيـلِـي
उनसे मध्यस्थता के लिए पूछो, और मेरे लिए प्रार्थना करो
और मेरे लिए प्रार्थना करो!