صِفْهُ لِي يَا مَنْ رَأَيْتَ الحِبَّ لَيْلاً
उसे मेरे लिए वर्णन करो, हे तुम जिसने रात में प्रियतम को देखा
صِفْهُ لِي يَا مَنْ رَأَيْتَ الحِبَّ لَيْلاً
إِنَّ عَيْنِي تَشْتَهِي ذَاكَ الجَمَالَا
उसे मेरे लिए वर्णन करो, हे तुम जो रात में प्रियतम को देखे हो,
क्योंकि मेरी आँखें उस सुंदरता को देखने के लिए तरसती हैं।
صِفْ جَمِيلاً كَامِلاً خَلَقاً وَخُلُقاً
مِنْ جَمَالِ الذَّاتِ قَدْ حَازَ الكَمَالَا
उसका वर्णन करो जो सृष्टि और चरित्र में सुंदर और पूर्ण है,
सौंदर्य के सार से, उसने पूर्णता प्राप्त की है।
صِفْ مَلِيحًا طَرْفُهُ أَسْبَى العَوَالِمْ
صِفْ وَجِيهاً وَجْهُهُ حَازَ الكَمَالَا
उस आकर्षक का वर्णन करो जिसकी दृष्टि संसारों को मोहित कर लेती है,
उस महान का वर्णन करो जिसका चेहरा पूर्णता का धनी है।
صِفْهُ لِي يَا مَنْ رَأَيْتَ الحِبَّ لَيْلاً
إِنَّ عَيْنِي تَشْتَهِي ذَاكَ الجَمَالَا
उसे मेरे लिए वर्णन करो, हे तुम जो रात में प्रियतम को देखे हो,
क्योंकि मेरी आँखें उस सुंदरता को देखने के लिए तरसती हैं।
صِفْهُ لِي بِالسُّنْدُسِيَّةِ حِينَ يَبْدُو
كَامِلَ الأَوْصَافِ قَدْ مَلَكَ الدَّلَالَا
उसे मेरे लिए रेशमी वैभव में वर्णन करो जब वह प्रकट होता है,
हर गुण में पूर्ण, आकर्षण का स्वामी।
صِفْ عُيُونَ الهَاشِمِي صِفْ لِي المُحْيَّا
صِفْ لِي ثَغْراً بِابْتِسَامَتِهِ تَلَالَا
हाशिम के आँखों का वर्णन करो—उसकी चमक का वर्णन करो,
उस मुख का वर्णन करो जिसकी मुस्कान से प्रकाश फैलता है।
صِفْهُ لِي يَا مَنْ رَأَيْتَ الحِبَّ لَيْلاً
إِنَّ عَيْنِي تَشْتَهِي ذَاكَ الجَمَالَا
उसे मेरे लिए वर्णन करो, हे तुम जो रात में प्रियतम को देखे हो,
क्योंकि मेरी आँखें उस सुंदरता को देखने के लिए तरसती हैं।
صِفْ جَمِيلاً أَكْحَلاً مِنْ غَيْرِ كُحْلٍ
أَدْعَجَاً عَيْنَاهُ تُنْسِيكَ الغَزَالَا
उस सुंदरता का वर्णन करो जिसकी आँखें बिना काजल के स्वाभाविक रूप से काली हैं,
गहरे-काले सुंदर आँखों वाला जिसकी दृष्टि तुम्हें हिरण को भुला देती है।
صِفْ غَضُوضَ الطَّرْفِ بَسَّامَ المُحَيَّا
أَنْجَلاً تُنْسِيكَ طَلْعَتُهُ الهِلَالَا
उस कोमल आँखों वाले, उज्ज्वल चेहरे वाले का वर्णन करो,
विस्तृत आँखों वाला, जिसकी उपस्थिति तुम्हें अर्धचंद्र को भुला देती है।
صِفْهُ لِي يَا مَنْ رَأَيْتَ الحِبَّ لَيْلاً
إِنَّ عَيْنِي تَشْتَهِي ذَاكَ الجَمَالَا
उसे मेरे लिए वर्णन करो, हे तुम जो रात में प्रियतम को देखे हो,
क्योंकि मेरी आँखें उस सुंदरता को देखने के लिए तरसती हैं।
صِفْ جَمِيلَ القَدِّ وَرْدِيَّ الوِجَانَا
صِفْ مَلِيحاً حُسْنُهُ فَاقَ الخَيَالَا
उसके कद की सुंदरता का वर्णन करो, उसके गालों की गुलाबी आभा का,
उस सुंदर का वर्णन करो जिसकी सुंदरता कल्पना से परे है।
صِفْ بِهِ عُنُقاً مُنِيراً كَوْكَبِيّاً
صِفْ جَمِيلاً نُورُهُ فِي الكَوْنِ لَالَا
उसकी चमकदार गर्दन का वर्णन करो जैसे चमकता तारा,
उस सुंदर का वर्णन करो जिसका प्रकाश ब्रह्मांड में मोती की तरह चमकता है।
صِفْهُ لِي يَا مَنْ رَأَيْتَ الحِبَّ لَيْلاً
إِنَّ عَيْنِي تَشْتَهِي ذَاكَ الجَمَالَا
उसे मेरे लिए वर्णन करो, हे तुम जो रात में प्रियतम को देखे हो,
क्योंकि मेरी आँखें उस सुंदरता को देखने के लिए तरसती हैं।
صِفْ وَضِيءَ الوَجْهِ دُرِّيَ المُحْيَّا
صِفْ مَلِيكَ الحُسْنِ وَاَنْشُدْهُ الوِصَالَا
उसके चेहरे की चमक का वर्णन करो, एक चमकदार मोती,
सौंदर्य के राजा का वर्णन करो और उसे प्रेम का गीत सुनाओ।
صِفْ أَزْجَ الحَاجِبِ الأَسْنَانَ أَشْنَب
صِفْ أَسِيلَ الخَدِّ صِفْ عَذْبَ المَقَالَا
उसकी धनुषाकार भौहों का वर्णन करो, उसके चमकदार सफेद दांतों का,
उसके चिकने गालों का वर्णन करो और उसकी मीठी, कोमल वाणी का।
صِفْهُ لِي يَا مَنْ رَأَيْتَ الحِبَّ لَيْلاً
إِنَّ عَيْنِي تَشْتَهِي ذَاكَ الجَمَالَا
उसे मेरे लिए वर्णन करो, हे तुम जो रात में प्रियतम को देखे हो,
क्योंकि मेरी आँखें उस सुंदरता को देखने के लिए तरसती हैं।
صِفْ ضَلِيعَ الفَمِّ بَرَّاقَ الثَّنَايَا
صِفْ نَدَى الرَّاحِ مِنْهُ الغَيْثُ سَالَا
उसके सुडौल मुख का और चमकदार दांतों का वर्णन करो,
उसकी हथेलियों की ओस का वर्णन करो जिससे वर्षा बह निकली।
صِفْ طَوِيلَ الهُدْبِ صِفْ أَنْفاً كَسِيْفٍ
صِفْ أَزَجَ الحَاجِبَيْنِ بِهَا اتِّصَالَا
उसकी लंबी पलकों का वर्णन करो, तलवार की तरह नाक का वर्णन करो,
उसकी धनुषाकार भौहों का वर्णन करो जो पूर्ण सामंजस्य में मिलती हैं।
صِفْهُ لِي يَا مَنْ رَأَيْتَ الحِبَّ لَيْلاً
إِنَّ عَيْنِي تَشْتَهِي ذَاكَ الجَمَالَا
उसे मेरे लिए वर्णन करो, हे तुम जो रात में प्रियतम को देखे हो,
क्योंकि मेरी आँखें उस सुंदरता को देखने के लिए तरसती हैं।
صِفْ نَبِيّاً قَدْ أَتَى مِنْ قَبْلِ آدَم
جَلَّ مَنْ سَوَّاهُ لَيْسَ لَهُ مِثَالَا
उस पैगंबर का वर्णन करो जो आदम से पहले आया था,
वह महान है जिसने उसे बनाया—उसके जैसा कोई नहीं।
أَبْصَرَتْ عَيْنَاكَ طَلْعَةَ مُصْطَفَانَا
قُلْ بِرَبِّكَ كَيْفَ أَدْرَكْتَ الوِصَالَا
क्या तुम्हारी आँखों ने हमारे चुने हुए का चेहरा देखा?
मुझे बताओ—तुम्हारे प्रभु की कसम—तुमने वह मिलन कैसे प्राप्त किया?
صِفْهُ لِي يَا مَنْ رَأَيْتَ الحِبَّ لَيْلاً
إِنَّ عَيْنِي تَشْتَهِي ذَاكَ الجَمَالَا
उसे मेरे लिए वर्णन करो, हे तुम जो रात में प्रियतम को देखे हो,
क्योंकि मेरी आँखें उस सुंदरता को देखने के लिए तरसती हैं।
كَمْ أُنَادِي يَا أَبَا الزَّهْرَاءِ أَقْبِلْ
كَمْ أُنَادِي يَا أَبَا الزَّهْرَا تَعَالَى
कितनी बार मैं पुकारता हूँ, "हे ज़हरा के पिता, आओ!"
कितनी बार मैं पुकारता हूँ, "हे ज़हरा के पिता, पास आओ!"
صِحْتُ وَاشْوَقَاهُ وَجْداً يَا حَبِيبِي
إِنَّ عَيْنِي تَشْتَهِي ذَاكَ الجَمَالَا
मैं चिल्लाया: "ओह, मेरी तड़प कितनी तीव्र है, हे मेरे प्रिय!"
क्योंकि वास्तव में, मेरी आँखें उस सुंदरता के लिए तरसती हैं!