يَا أيُّهَا المُخْتَارُ مِنْ خَيْرِ الوَرَى
خُلُقاً وخَلْقاً فِي الكَمَالِ تَوَحَّدَا
हे चुने हुए, सृष्टि के श्रेष्ठतम में से,
स्वभाव और रूप में, अद्वितीय पूर्णता,
مَاذَا أقُولُ بِمَدْحِهِ
وَاللهُ طَهَّرَ مِنْ سِفَاحِ الجَاهِلِيَّةِ أَحْمَدَا
मैं उनकी प्रशंसा में क्या कहूँ,
जब ईश्वर ने अहमद को अज्ञानता से शुद्ध किया,
ذُو رَأْفَةٍ بِالمُؤْمِنِينَ ورَحْمَةٍ
سَمَّاكَ رَبُّكَ فِي القُرآنِ مُحَمَّدَا
विश्वासियों के लिए करुणा और दया से पूर्ण,
आपके प्रभु ने कुरान में आपका नाम मुहम्मद रखा,
نَادَتْ بِكَ الرُسْلُ الكِرَامْ فَبَشَّرَتْ
وَمَلَائِكُ الرَّحْمَنِ خَلْفَكَ سُجَّدَا
महान दूतों ने आपको पुकारा और शुभ समाचार दिया,
और दयालु के फरिश्ते आपके पीछे सजदा करते हैं,
لَا يُحْصِي فَضْلَكَ نَاثِرٌ أوْ كَاتِبٌ عَدَداً
وَلَا الشُّعَراءُ يَا غَوْثَ النَّدَى
कोई लेखक या कवि आपकी महिमा नहीं गिन सकता,
हे उदारता के आश्रय,
طَهَ صَلَاةُ اللهِ مِنِّي سَرْمَداً
ثُمَّ السَّلَامُ عَلَيْكَ يَا نَجْمَ الهُدَى
ईश्वर की प्रार्थनाएँ आप पर सदा बनी रहें,
और आप पर शांति हो, हे मार्गदर्शन के तारे।