مَا لِي سِوَاكْ هَمْ وَأَنْتَ تَعْلَمْ
तेरे सिवा मेरा कोई और ख़्याल नहीं और तू जानता है।
Hi
Hi
مَا لِي سِوَاكْ هَمْ وَأَنْتَ تَعْلَمْ
فَالْقُرْبُ مَغْنَمْ وَالْبُعْدُ مَغْرَمْ
तेरे सिवा मेरी कोई चिंता नहीं और तू यह जानता है
निकटता एक लाभ है और दूरी एक क्षति है
خُذْنِي إِلَيْكَ بَيْنَ يَدَيْكَ
حُسِبْتُ عَلَيْكَ فِي كُلِّ مَا أَعْلَمْ
मुझे अपनी ओर, अपने आलिंगन में ले ले
क्योंकि मैं जो कुछ भी जानता हूँ, उसमें तेरा ही माना गया हूँ
أَنْتَ مُرَادِي فَكُنْ لِيْ هَادِي
فَالْقَلْبُ صَادِي فَزِلْ لِيْ ذَا الْهَمْ
तू ही मेरा लक्ष्य है, सो मेरा मार्गदर्शक बन
हृदय प्यासा है, अतः मुझ से यह शोक दूर कर दे
مَنْ ذَا يَكُنْ لِي إِنْ لَمْ تَكُنْ لِي
تَرَى لِذُلِّي وَأَنْتَ أَرْحَمْ
यदि तू मेरे साथ नहीं तो फिर मेरा कौन होगा
तू मेरी दीनता को देख रहा है और तू परम दयालु है
كَمْ ذَا أُنَادِي يَا خَيْرَ هَادِي
يَكْفِي بُعَادِي فَالْجُودُ قَدْ عَمْ
मैं कितनी बार पुकारता हूँ, हे श्रेष्ठ मार्गदर्शक
विरह बहुत हुआ, अब तेरी उदारता सर्वव्याप्त है
نُورُ الْوِصَالِ مَهْرُهُ غَالِي
سِوَاكَ مَا لِي جُدْ وَتَكَرَّمْ
मिलन के नूर का मूल्य अत्यंत महँगा है
तेरे सिवा मेरा कोई नहीं, सो मुझ पर कृपा और दान कर
قُرْبِي وَبُعْدِي سِيَّانِ عِنْدِي
لِأَنَّ رُشْدِي فِيمَا تَقَسِّمْ
मेरे लिए निकटता और दूरी एक समान हैं
क्योंकि मेरा मार्गदर्शन उसी में है जो तूने मेरे लिए नियत किया है
فَاجْعَلْ هِبَاتِي رُوحَ الْحَيَاةِ
حَبِيبْ ذَاتِي طه الْمُعَلِّمْ
अतः मेरे उपहारों को जीवन की आत्मा बना दे
मेरे अस्तित्व के प्रिय, ताहा, जो शिक्षक हैं
تَعْلَمْ لِقَصْدِي حِبِّي وَوُدِّي
فَكُنْ لِلْكُرْدِي فِي كُلِّ مَغْنَمْ
तू मेरे उद्देश्य, मेरे प्रेम और मेरे अनुराग को जानता है
सो हर सफलता में अल-कुर्दी के साथ रह
صَلَاةُ رَبِّي لِحَبِيبِ قَلْبِي
طه الْمُرَبِّي عَلَيْهِ سَلَّمْ
मेरे प्रभु की कृपाएँ मेरे हृदय के प्रिय पर हों
ताहा, जो मार्गदर्शक हैं, उन पर सलाम हो