خُذْ مَا صَفَا وَدَعِ الْكَدَر
जो निर्मल है उसे ग्रहण करो और जो मलिन है उसे छोड़ दो
Hi
يَا رَبَّنَا يَا رَبَّنَا
غِثْنَا بِقُرْبِ الـْمُصْطَفَى
हे हमारे प्रभु, हे हमारे पालनहार
मुस्तफ़ा के सामीप्य से हमारी सहायता कर
وَ ارْحَمْ إِلَهِي ضَعْفَنَا
بِٱلْمُصْطَفَىٰ خَيْرِ ٱلْبَشَرْ
और हे मेरे ईश्वर, हमारी निर्बलता पर दया कर
मुस्तफ़ा के सदक़े में, जो मानवजाति में श्रेष्ठ हैं
خُذْ مَا صَفَا وَدَعِ الْكَدَرْ
وَكِلِ الْأُمُورَ إلى الْقَدَرْ
जो निर्मल है उसे अपनाओ और मैल को त्याग दो
और सभी मामलों को ईश्वरीय विधान पर छोड़ दो
مَهْمَا غُلِبْتَ كَمَا أَمَرْ
هَادِي الْوَرَى خَيْرُ الْبَشَرْ
जब भी तुम पर कोई कठिनाई हावी हो, वैसा ही करो जैसा उसने आदेश दिया
जो सृष्टि का पथप्रदर्शक और मानवजाति में श्रेष्ठ है
إِنَّ الْأُمُورَ جَرَى بِهَا
قَلَمٌ عَلَى الْلَّوْحِ الْأَغَرْ
निश्चय ही, सभी मामले पहले ही लिखे जा चुके हैं
उस प्रकाशमान पटल पर कलम के द्वारा
فِي سَابِقِ الْعِلْمِ الْقَدِيمْ
مِنْ قَبْلِ إِيجَادِ الْصُّوَرْ
उस अनादि और शाश्वत ज्ञान में
स्वरूपों के अस्तित्व में आने से बहुत पहले
يَا رَبَّنَا يَا رَبَّنَا
غِثْنَا بِقُرْبِ الـْمُصْطَفَى
हे हमारे प्रभु, हे हमारे पालनहार
मुस्तफ़ा के सामीप्य से हमारी सहायता कर
وَ ارْحَمْ إِلَهِي ضَعْفَنَا
بِٱلْمُصْطَفَىٰ خَيْرِ ٱلْبَشَرْ
और हे मेरे ईश्वर, हमारी निर्बलता पर दया कर
मुस्तफ़ा के सदक़े में, जो मानवजाति में श्रेष्ठ हैं
وَدَعِ الْهُمُومَ فَإِنَّهَا
يَا صَاحِبِي مَحْضُ الْضَّرَرْ
अपनी चिंताओं को त्याग दो, क्योंकि वे
हे मेरे मित्र, केवल शुद्ध हानि के सिवा कुछ नहीं हैं
وَاغْنَمْ زَمَانَكَ وَاسْتَرِحْ
مِنْ لَوْ وَلِمْ تَلْقَ الْظَّفَرْ
अपने समय का सदुपयोग करो और विश्राम पाओ
"यदि" और "क्यों" से मुक्त होकर तुम सफलता पाओगे
وَارْجِعْ إِلَى اللَّهِ إِذَا
مَالَحَّ خَطْبٌ أَوْ عَصَرْ
और अल्लाह की ओर लौट जाओ जब भी
कोई विपदा तुम पर दबाव डाले या तुम्हें संकट में डाले
وَإِذَا بُلِيتَ بِمِحْنَةٍ
فَاصْبِرْ لَهَا فِيمَنْ صَبَرْ
और यदि तुम किसी परीक्षा में डाले जाओ
तो धैर्यवानों की तरह उस पर सब्र करो
يَا رَبَّنَا يَا رَبَّنَا
غِثْنَا بِقُرْبِ الـْمُصْطَفَى
हे हमारे प्रभु, हे हमारे पालनहार
मुस्तफ़ा के सामीप्य से हमारी सहायता कर
وَ ارْحَمْ إِلَهِي ضَعْفَنَا
بِٱلْمُصْطَفَىٰ خَيْرِ ٱلْبَشَرْ
और हे मेरे ईश्वर, हमारी निर्बलता पर दया कर
मुस्तफ़ा के सदक़े में, जो मानवजाति में श्रेष्ठ हैं
مِنْ كُلِّ بَرٍّ مُوقِنٍ
مُتَوَقِّرٍ عِنْدَ الْغِيَرْ
हर उस नेक और दृढ़ विश्वासी आत्मा की तरह बनो
जो भाग्य के बदलावों में भी गरिमा बनाए रखती है
وَإِذَا خُصِصْتَ بِنِعْمَةٍ
فَاشْكُرْ مَعَ مَنْ قَدْ شَكَرْ
और यदि तुम्हें किसी वरदान से नवाज़ा जाए
तो कृतज्ञ लोगों के साथ मिलकर आभार व्यक्त करो
لِلَّهِ رَبِّ الْعَالَمِينْ
تُعْطَ الْمَزِيدَ كَمَا ذَكَرْ
अल्लाह के लिए, जो समस्त संसार का स्वामी है
और तुम्हें अधिक दिया जाएगा, जैसा कि उसने वचन दिया है
وَاعْمَلْ لِنَفْسِكَ صَالِحًا
تَنْجُو بِهِ مِنْ كُلِّ شَرْ
और अपने स्वयं के लिए नेक कर्म करो
ताकि तुम हर प्रकार की बुराई से बच सको
يَا رَبَّنَا يَا رَبَّنَا
غِثْنَا بِقُرْبِ الـْمُصْطَفَى
हे हमारे प्रभु, हे हमारे पालनहार
मुस्तफ़ा के सामीप्य से हमारी सहायता कर
وَ ارْحَمْ إِلَهِي ضَعْفَنَا
بِٱلْمُصْطَفَىٰ خَيْرِ ٱلْبَشَرْ
और हे मेरे ईश्वर, हमारी निर्बलता पर दया कर
मुस्तफ़ा के सदक़े में, जो मानवजाति में श्रेष्ठ हैं
وَتَفُوزُ بِالْحُسْنَى وَبِالْــــ
ــــجَنَّاتِ دَارِ الْمُسْتَقَرْ
और तुम परम कल्याण के साथ सफल होगे
और उन जन्नतों को पाओगे जो स्थायी निवास हैं
دَارِ الْبَقَا دَارِ الْنَّعِيمْ
دَارِ الْكَرَامَةِ وَالْنَّظَرْ
अमरता का घर और आनंद का धाम
सम्मान का घर और दीदार का स्थान
وَأَعِدَّ زَادَكَ لِلْمَعَادْ
مِنْ قَبْلِ يَفْجَاكَ الْحَذَرْ
अपनी वापसी के लिए पाथेय तैयार कर लो
इससे पहले कि मृत्यु की चेतावनी तुम्हें अचानक आ घेरे
فَالْمَوْتُ آتٍ عَنْ قَرِيبْ
وَلَعَلَّ يَوْمَكَ قَدْ حَضَرْ
क्योंकि मृत्यु शीघ्र ही आने वाली है
और संभव है कि तुम्हारा नियत समय आ चुका हो
يَا رَبَّنَا يَا رَبَّنَا
غِثْنَا بِقُرْبِ الـْمُصْطَفَى
हे हमारे प्रभु, हे हमारे पालनहार
मुस्तफ़ा के सामीप्य से हमारी सहायता कर
وَ ارْحَمْ إِلَهِي ضَعْفَنَا
بِٱلْمُصْطَفَىٰ خَيْرِ ٱلْبَشَرْ
और हे मेरे ईश्वर, हमारी निर्बलता पर दया कर
मुस्तफ़ा के सदक़े में, जो मानवजाति में श्रेष्ठ हैं
يَا رَبُّ أَنْتَ الْمُبْتَغَى
وَالْمُرْتَجَى وَالْمُدَّخَرْ
हे प्रभु, तू ही वह है जिसकी हमें चाह है
तू ही हमारी आशा है और तू ही हमारा संचित धन है
يَا رَبَّنَا فَاسْتُرْ وَسَا
مِحْ أَنْتَ أَكْرَمُ مَنْ سَتَرْ
हे हमारे प्रभु, हमारे दोषों को ढक ले और क्षमा कर
क्योंकि तू पर्दापोशी करने वालों में सबसे उदार है
يَا رَبَّنَا وَانْظُرْ إِلَيـْــــ
ـــنَا أَنْتَ أَحْسَنُ مَنْ نَظَرْ
हे हमारे प्रभु, हम पर दया की दृष्टि डाल
क्योंकि तू दृष्टि डालने वालों में सबसे उत्तम है
يَا رَبَّنَا وَاخْتِمْ لَنَا
بِالْخَيْرِ إِنْ حَانَ الْسَّفَرْ
हे हमारे प्रभु, हमारा अंत शुभ और सुंदर कर
जब हमारी अंतिम यात्रा का समय आ जाए
يَا رَبَّنَا يَا رَبَّنَا
غِثْنَا بِقُرْبِ الـْمُصْطَفَى
हे हमारे प्रभु, हे हमारे पालनहार
मुस्तफ़ा के सामीप्य से हमारी सहायता कर
وَ ارْحَمْ إِلَهِي ضَعْفَنَا
بِٱلْمُصْطَفَىٰ خَيْرِ ٱلْبَشَرْ
और हे मेरे ईश्वर, हमारी निर्बलता पर दया कर
मुस्तफ़ा के सदक़े में, जो मानवजाति में श्रेष्ठ हैं
ثُمَّ الصَّلَاةُ عَلَى الرَّسُولْ
خَيْرِ الْبَرِيَّةِ مِنْ مُضَرْ
फिर उस रसूल पर निरंतर सलाम हो
जो मुदर कबीले की सर्वश्रेष्ठ रचना हैं
خَتْمِ الْنَّبِيِّينَ الْكِرَامْ
نِعْمَ الْمَصَابِيحُ الْغُرَرْ
महान नबियों की मोहर और अंतिम कड़ी
जो प्रकाशमान दीपकों में सबसे श्रेष्ठ हैं
وَآلِهِ وَاصْحَابِهِ
وَالتَّابِعِينَ عَلَى الْأَثَرْ
और उनके परिवार तथा उनके साथियों पर
और उन अनुयायियों पर जो उनके पदचिह्नों पर चलते हैं
مَا هَبَّتِ الـــنَّسَمَاتُ بِالْــــ
ــــعَرْفِ الْمُعَنْبَرِ في الْسَّحَرْ
जब तक कि भोर के समय मंद पवन
अम्बर की सुगंध बिखेरती हुई चलती रहे
يَا رَبَّنَا يَا رَبَّنَا
غِثْنَا بِقُرْبِ الـْمُصْطَفَى
हे हमारे प्रभु, हे हमारे पालनहार
मुस्तफ़ा के सामीप्य से हमारी सहायता कर
وَ ارْحَمْ إِلَهِي ضَعْفَنَا
بِٱلْمُصْطَفَىٰ خَيْرِ ٱلْبَشَرْ
और हे मेरे ईश्वर, हमारी निर्बलता पर दया कर
मुस्तफ़ा के सदक़े में, जो मानवजाति में श्रेष्ठ हैं
أَوْ غَرَّدَتْ وُرْقُ الْحِمَى
فَوْقَ الْغُصُونِ مِنَ الْشَّجَرْ
या जब तक पवित्र हरम के कबूतर चहकते रहें
पेड़ों की टहनियों के ऊपर