رَقَّتْ عَيْنَايَ شَوْقًا
My Eyes Wept with Longing
Hi
السَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُولَ الله
السَّلَامُ عَلَيْكَ يَا حَبِيبِي
आप पर सलाम हो ऐ अल्लाह के रसूल
आप पर सलाम हो ऐ मेरे हबीब
يَا نَبِيَّ اللهِ يَا رَسُولَ الله
ऐ अल्लाह के नबी, ऐ अल्लाह के रसूल
رَقَّتْ عَيْنَايَ شَوْقًا
وَلِطَيْبَةَ ذَرَفَتْ عِشْقًا
मेरी आँखें शौक़ से भर आईं
और तैबा के लिए इश्क़ के आँसू बहाए
فَأَتَيْتُ إِلَى حَبِيبِي
فَاهْدَأْ يَا قَلْبُ وَرِفْقًا
सो मैं अपने महबूब की ओर आया
ऐ दिल, अब ठहर जा और सुकून पा
صَلِّ عَلَى مُحَمَّدْ
मुहम्मद पर दरूद ओ सलाम भेज
السَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُولَ الله
السَّلَامُ عَلَيْكَ يَا حَبِيبِي
आप पर सलाम हो ऐ अल्लाह के रसूल
आप पर सलाम हो ऐ मेरे हबीब
يَا نَبِيَّ اللهِ يَا رَسُولَ الله
ऐ अल्लाह के नबी, ऐ अल्लाह के रसूल
قَلْبٌ بِالْحَقِّ تَعَلَّقْ
وَبِغَارِ حِرَاءَ تَأَلَّقْ
एक दिल जो हक़ से वाबस्ता हो गया
और ग़ार-ए-हिरा में रौशन हुआ
يَبْكِي يَسْأَلُ خَالِقَهُ
فَأَتَاهُ الْوَحْيُ فَأَشْرَقْ
वो रोते हुए अपने ख़ालिक़ से इल्तिजा करते
फिर वही नाज़िल हुई और नूर चमक उठा
ٱقْرَأْ ٱقْرَأْ يَا مُحَمَّدْ
पढ़िए, पढ़िए ऐ मुहम्मद
السَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُولَ الله
السَّلَامُ عَلَيْكَ يَا حَبِيبِي
आप पर सलाम हो ऐ अल्लाह के रसूल
आप पर सलाम हो ऐ मेरे हबीब
يَا نَبِيَّ اللهِ يَا رَسُولَ الله
ऐ अल्लाह के नबी, ऐ अल्लाह के रसूल
يَا طَيْبَةُ جِئْتُكِ صَبَّا
لِرَسُولِ اللهِ مُحِبَّا
ऐ तैबा, मैं तेरे पास दीवाना होकर आया हूँ
अल्लाह के रसूल की मुहब्बत में
بِالرَّوْضَةِ سَكَنَتْ رُوحِي
وَجِوَارَ الْهَادِي مُحَمَّدْ
रौज़े में मेरी रूह को सुकून मिला
हादी मुहम्मद की कुर्बत में