صَلَّى اللَّهْ عَلَيْكَ يَا نُور
Blessings Of Allah Be Upon You, O Light
Hi
صَلَّى اللَّهْ عَلَيْكَ يَا نُور
يَا نُوْرَ كُلِّ الْمَنَازِلْ
अल्लाह की रहमत हो आप पर ऐ नूर
ऐ तमाम मंज़िलों के नूर
يَا خَيْرَ مَنْ فِي الْمَنَازِلْ
ऐ मंज़िलों में रहने वालों में सबसे बेहतर
يَا رَسُوْلَ اللٰهِ أَنْتَ
أَنْتَ الْنُّوْرُ الْمُتَشَكِّلْ
ऐ अल्लाह के रसूल आप हैं
आप ही वह नूर हैं जो मुजस्सम हुआ
نُورٌ عَلَى نُورٍ جِئْتَ
بِهِ الْقُرْآنُ تَنَزَّلْ
नूर पर नूर बनकर आप तशरीफ़ लाए
जिसके साथ क़ुरआन नाज़िल हुआ
مِشْكَاةً نُوْراً وَزَيْتَا
ضِيَاءً جِئْتَ مُعْتَدِلْ
चिराग़दान, नूर और तेल की मिसाल
एक मोतदिल रौशनी बनकर आप आए
لَا يَكُوْنُ الْكَوْنُ حَتَّى
يَظْهَرْ بِكَ مُتَجَمِّلْ
यह कायनात वजूद में ही न आती
जब तक वह आपके ज़रिये संवर कर ज़ाहिर न होती
أَنْتَ فِي الْآثَارِ قُلْتَ
ذَا الْكَوْنُ مِنْكَ تَمَثَّلْ
आपने हदीसों में इरशाद फ़रमाया
कि यह कायनात आप ही के नूर का अक्स है
مِنْ حَضْرَةِ الْقُدْسِ جِئْتَ
وَأَنْتَ فِيهَا لَمْ تَزَلْ
आप मुक़द्दस दरगाह से तशरीफ़ लाए
और आप हमेशा वहीं मौजूद रहे
كُنْتَ قَبْلَ الْكَوْنِ كُنْتَ
وَالأَبَدُ مِثْلُ الأَزَلْ
आप मख़लूक़ात से पहले भी मौजूद थे
और आपके लिए अबद भी अज़ल की तरह है
مُطْلَقاً كُنْتَ فَصِرْتَا
بِالْقُيُوْدِ مُتَجَمِّلْ
आप ज़ात-ए-मुतलक़ थे फिर आप
सूरत-ओ-हुदूँद में ज़ीनत पाकर ज़ाहिर हुए
لَيْسَ فِي الْوُجُودِ الْبَتَّةْ
إِلَّا الْنُّورُ قُلْتُ أَجَلْ
इस कायनात में क़तई कुछ मौजूद नहीं
सिवाय उस नूर के, मैंने कहा 'हाँ'
بَدَا مِنَ الْغَيْبِ بَغْتَةْ
مِنْ أَعْلَى الْعُلَا تَنَزَّلْ
वह गैब के परदे से अचानक ज़ाहिर हुआ
और बुलंदियों की बुलंदी से नाज़िल हुआ
يَا رَسُوْلَ اللهِ حُزْتَا
فَضْلَ الْفَضْلِ وَالْفَضَائِلْ
ऐ अल्लाह के रसूल आपने पा ली
फ़ज़्ल की इंतिहा और तमाम फ़ज़ीलतें
يَا رَسُولَ اللَّهِ دُمْتَ
وَدُمْتُ لَكَ مُمَتَّثِلْ
ऐ अल्लाह के रसूल आप सलामत रहें
और मैं हमेशा आपका फ़रमाबरदार रहूँ
فَالْعَلَاوِيِ يَرْجُو حَتَّى
يَبْلُغْ بِرِضَاكَ الأَمَلْ
पस 'अलावी' यह तमन्ना रखता है
कि आपकी रज़ा से अपनी मुराद पा ले
يَا رَسُوْلَ اللهِ أَنْتَ
أَنْتَ الْنُّوْرُ الْمُتَشَكِّلْ
ऐ अल्लाह के रसूल आप हैं
आप ही वह नूर हैं जो मुजस्सम हुआ