لِي فِي المَدِينَةِ أَحْبَابٌ إِذَا نَظَرُوا
I Have Beloveds In Medina; When They Gaze Upon Me
Hi
لِي فِي المَدِينَةِ أَحْبَابٌ إِذَا نَظَرُوا
إِلَيَّ وَلَّتْ هُمُومِي وَانْجَلَى الضَّرَرُ
मदीना में मेरे वो प्रियजन हैं कि जब वे देखते हैं
मेरी ओर, तो मेरे दुख चले जाते हैं और कष्ट मिट जाते हैं।
وَأَصْبَحَ القَلْبُ فِي أُنْسٍ وَفِي فَرَحٍ
جَمٍّ وَصَاحَبَنِي التَّوْفِيقُ وَالظَّفَرُ
मेरा हृदय असीम सुख और प्रसन्नता में डूब जाता है
और सौभाग्य व विजय मेरे साथी बन जाते हैं।
يَا أَهْلَ طَيْبَةَ هَيَّا إِنَّنِي دَنِفٌ
وَإِنَّنِي لِلَّذِي أَمَّلْتُ مُنْتَظِرُ
हे तैबा वालो! आओ, मैं प्रेम में अत्यंत व्याकुल हूँ
और मैं उस लक्ष्य की प्रतीक्षा में हूँ जिसकी मैंने आशा की है।
جَرَتْ عَوَائِدُكُمْ أَنَّ المُحِبَّ إِذَا
نَادَاكُمُ بِلِسَانِ الحُبِّ يَنْجَبِرُ
यह आपकी परंपरा रही है कि प्रेमी जब भी
आपको प्रेम की वाणी से पुकारता है, उसे ढाँढस मिल जाता है।
وَالحُبُّ مِلْءُ جَنَانِي بَلْ تَجَسَّمَ فِي
شَخْصٍ عَلَى صُورَتِي إِنْ دَلَّتِ الصُّوَرُ
प्रेम मेरे हृदय में व्याप्त है, बल्कि यह साकार हो गया है
मेरी ही छवि के एक स्वरूप में, यदि स्वरूप कुछ संकेत देते हैं।
يَا سَيِّدَ الرُّسْلِ أَدْرِكْنِي فَمَا بَقِيَتْ
لِي حِيلةٌ غَيْرُ حُبٍّ مِنْكَ مُدَّخَرُ
हे संदेशवाहकों के स्वामी! मेरी सहायता कीजिए क्योंकि अब
मेरे पास आपकी संचित प्रीति के सिवाय कोई और उपाय नहीं बचा।
لِلَّهِ مِيلادُكَ الغَالِي الذِي سَعِدَتْ
بِهِ البَسِيطَةُ وَانْجَابَتْ بِهِ الغِيَرُ
धन्य है आपका वह पावन जन्मोत्सव जिससे
समस्त पृथ्वी हर्षित हुई और विपदाएँ दूर हो गईं।
يَوْمٌ بِهِ ضَاءَتِ الدُّنْيَا فَمَا طَلَعَتْ
شَمْسٌ عَلَى مِثْلِهِ فِيهَا وَلَا قَمَرُ
वह दिन जिससे संसार आलोकित हो उठा, और वैसा दिन
न कभी सूर्य ने देखा और न ही चंद्रमा ने।
تَحِيَّةٌ لَكَ مِنْ قَلْبٍ مُعَطَّرَةٌ
يَزِيدُ عَرْفَ شَذَاهَا رَوْحُكَ العَطِرُ
एक हृदय से आपको सुगंधित वंदन
जिसकी महक को आपकी पावन आत्मा की सुगंध और बढ़ा देती है।
وَقَائِلٍ لِيْ مَا تَشْتَاقُ قُلْتُ لَهُ
أَشْتَاقُ طَيْبَةَ شَوْقاً لَيْسَ يَنْحَصِرُ
और जब किसी ने मुझसे पूछा "तुम्हें किसकी चाह है?", मैंने कहा
"मुझे तैबा की वह तड़प है जिसकी कोई सीमा नहीं।"
يَا قَائِدَ الجَوِّ أَنْزِلْنِي إِذَا لَمَعَتْ
لِعَيْنِكَ القُبَّةُ الخَضْرَاءُ وَالحُجَرُ
हे गगन के सारथी! मुझे उतार देना जब चमकने लगे
तुम्हारी आँखों के सम्मुख वह हरा गुम्बद और वे पावन कक्ष।
هُنَاكَ أَقْصِدُ شُبَّاكَ الرَّسُولِ لِكَي
أَسْتَغْفِرُ اللهَ حَيْثُ الذَّنْبُ يُغْتَفَرُ
वहाँ मैं रसूल की जाली की ओर जाऊँगा ताकि
ईश्वर से क्षमा माँगूँ, जहाँ हर पाप क्षमा कर दिया जाता है।
عَلَيْكَ صَلَاةُ اللهِ مَا تُلِيَتْ
فِي حَفْلِ مِيلادِكَ الآياتُ والسُوَرُ
आप पर ईश्वर की अनंत कृपा हो जब तक पढ़ी जाएँ
आपके जन्मोत्सव की सभा में आयतें और सूराएँ।
والآلِ والصَحْبِ وَالأَتْبَاعِ قَاطِبَةً
والغَوثِ والقطبِ والأحبَابِ إذْ حَضَرُوا
और आपके परिजनों, साथियों और समस्त अनुयायियों पर
और उन गौस, कुत्ब और प्रियजनों पर जो उपस्थित हुए हैं।