قصيدة البردة
क़सीदा अल-बुर्दा

Chapter 8

ﷺ ON THE MARTIAL STRUGGLE OF THE PROPHET

مَوْلَاىَ صَلِّ وَسَلِّمْ دَائِمًا أَبَدًا
عَلَى حَبِيبِكَ خَيْرِ الخَلْقِ كُلِّهِمِ
मेरे मौला, सदा और हमेशा सलाम और दुआ भेजें
आपके प्रिय पर, जो सारी सृष्टि में सबसे श्रेष्ठ हैं
رَاعَتْ قُلُوبَ العِدَا أَنْبَاءُ بِعْثَتِهِ
كَنَبْأَةٍ أَجْفَلَتْ غُفْلاً مِنَ الغَنَمِ
उनके प्रस्थान की खबर ने दुश्मनों के दिलों में डर पैदा कर दिया,
जैसे लापरवाह बकरियाँ अचानक शोर से चौंक जाती हैं
مَا زَالَ يَلْقَاهُمُ فِي كُلِّ مُعْتَرَكٍ
حَتَّى حَكَوْا بِالقَنَا لَحْمًا عَلَى وَضَمِ
वह हर युद्धभूमि में उनसे मिलते रहे,
जब तक कि भालों से उनका मांस काटकर कसाई के तख्ते पर नहीं रखा गया
وَدُّوا الفِرَارَ فَكَادُوا يَغْبِطُونَ بِهِ
أَشْلاَءَ شَالَتْ مَعَ العِقْبَانِ وَالرَّخَمِ
वे भागने की इच्छा रखते थे, लगभग ईर्ष्या करते हुए
उन लाशों से जिन्हें चील और गिद्ध उठा ले गए
تَمْضِي اللَّيَالِي وَلاَ يَدْرُونَ عِدَّتَهَا
مَا لَمْ تَكُنْ مِنْ لَيَالِي الأَشْهُرِ الحُرُمِ
रातें बीत गईं, बिना उनकी गिनती किए,
सिवाय अगर वे पवित्र महीनों की रातें थीं
كَأَنَّمَا الدِّينُ ضَيْفٌ حَلَّ سَاحَتَهُمْ
بِكُلِّ قَرْمٍ إِلَى لَحْمِ العِدَا قَرِمِ
जैसे कि धर्म उनके आंगन में एक अतिथि के रूप में आया हो,
हर साहसी सरदार दुश्मनों के मांस को चीरने के लिए तैयार
يَجُرُّ بَحْرَ خَمِيسٍ فَوْقَ سَابِحَةٍ
يَرْمِى بِمَوْجٍ مِنَ الأَبْطَالِ مُلْتَطِمِ
तेज घोड़ों पर सवार सशस्त्र पुरुषों का समुद्र लाते हुए,
बहादुर योद्धाओं की लहरों को उछालते हुए
مِنْ كُلِّ مُنْتَدَبٍ لِلّهِ مُحْتَسِبٍ
يَسْطُو بِمُسْتَأْصِلٍ لِلكُفْرِ مُصْطَلِمِ
हर वह व्यक्ति जो अल्लाह की पुकार का जवाब देता है, उसकी प्रसन्नता की खोज में,
अविश्वास को उसकी जड़ों से उखाड़ फेंकने के लिए एक भयंकर हमला करता है
حَتىَّ غَدَتْ مِلَّةُ الإِسْلاَمِ وَهْيَ بِهِمْ
مِنْ بَعْدِ غُرْبَتِهَا مَوْصُولَةَ الرَّحِمِ
जब तक कि इस्लाम का धर्म, उनके कारण,
अपने देश से निर्वासन के बाद, फिर से अपने परिवार से मिल गया
مَكْفُولَةً أَبَدًا مِنْهُمْ بِخَيْرِ أَبٍ
وَخَيْرِ بَعْلٍ فَلَمْ تَيْتَمْ وَلَمْ تَئِمِ
हमेशा अपने दुश्मनों से सबसे अच्छे पिता द्वारा संरक्षित
और सबसे अच्छे पति द्वारा, ताकि वह न तो अनाथ हो और न ही विधवा
هُمُ الجِبَالُ فَسَلْ عَنْهُمْ مُصَادِمَهُمْ
مَاذَا رَأَى مِنْهُمُ فِي كُلِّ مُصْطَدَمِ
वे पहाड़ थे — उनसे लड़ने वालों से पूछें,
कि उन्होंने हर युद्धभूमि पर उनसे क्या देखा
وَسَلْ حُنَيْنًا وَسَلْ بَدْرًا وَسَلْ أُحُدًا
فُصُولَ حَتْفٍ لَهُمْ أَدْهَى مِنَ الوَخَمِ
हुनैन से पूछें, बद्र से पूछें, उहद से पूछें — मौत और विनाश के मौसम,
उनके लिए घातक महामारियों से भी अधिक विनाशकारी
المُصْدِرِي البِيضِ حُمْرًا بَعْدَ مَا وَرَدَتْ
مِنَ العِدَا كُلَّ مُسْوَدٍّ مِنَ اللِّمَمِ
उनकी चमकदार तलवारें रक्त से सनी हुई लौट आईं,
अपने दुश्मनों के सिर पर काले बालों के नीचे गहराई से पीने के बाद
وَالكَاتِبِينَ بِسُمْرِ الخَطِّ مَا تَرَكَتْ
أَقْلاَمُهُمْ حَرْفَ جِسْمٍ غَيْرَ مُنَعَجِمِ
जैसे लेखक भालों के लिए रीड पेन का उपयोग करते हैं,
उनके पेन ने शरीर के किसी भी हिस्से को बिना निशान के नहीं छोड़ा
شَاكِي السِّلاَحِ لَهُمْ سِيمَا تُمَيِّزُهُمْ
وَالوَرْدُ يَمْتَازُ بِالسِّيمَا عَنِ السَّلَمِ
हथियारों से सुसज्जित, फिर भी एक विशेष गुण उन्हें अलग करता था,
जैसे गुलाब अपनी खुशबू से कांटेदार सलाम पेड़ से अलग होता है
تُهْدِي إِلَيْكَ رِيَاحُ النَّصْرِ نَشْرَهُمُ
فَتَحْسَبُ الزَّهْرَ فِي الأَكْمَامِ كُلَّ كَمِي
विजय की हवाएं आपको उनकी खुशबू पेश करेंगी,
ताकि आप उनमें से हर साहसी को एक सुंदर फूल की कली के रूप में कल्पना करें
كَأَنَّهُمْ فِي ظُهُورِ الخَيْلِ نَبْتُ رُبًا
مِنْ شِدَّةِ الحَزْمِ لاَ مِنْ شَدَّةِ الحُزُمِ
जैसे कि, अपने घोड़ों पर सवार होकर, वे ऊँचाई पर खिलते फूल थे,
उनकी काठी की कसावट से नहीं, बल्कि उनके संकल्प की दृढ़ता से
طَارَتْ قُلُوبُ العِدَا مِنْ بَأْسِهِمْ فَرَقًا
فَمَا تُفَرِّقُ بَيْنَ البَهْمِ وَالبُهَمِ
दुश्मनों के दिल उनके महान शक्ति से उथल-पुथल में थे,
वे बहादुर योद्धाओं को भेड़ों के झुंड से मुश्किल से अलग कर सकते थे
وَمَنْ تَكُنْ بِرَسُولِ اللهِ نُصْرَتُهُ
إِنْ تَلْقَهُ الأُسْدُ فِي آجَامِهَا تَجِمِ
जिनकी मदद अल्लाह के रसूल से आती है —
यहां तक कि शेर भी अपने मांद में उनसे मिलकर डर से स्तब्ध हो जाते
وَلَنْ تَرَى مِنْ وَليٍّ غَيْرِ مُنْتَصِرٍ
بِهِ وَلاَ مِنْ عَدُوٍّ غَيْرِ مُنْقَصِمِ
आप उनके किसी दोस्त को उनकी मदद के बिना नहीं देखेंगे,
और न ही उनके किसी दुश्मन को पराजित हुए बिना
أَحَلَّ أُمَّتَهُ فِي حِرْزِ مِلَّتِهِ
كَاللَّيْثِ حَلَّ مَعَ الأَشْبَالِ فِي أَجَمِ
उन्होंने अपनी समुदाय को अपने धर्म के किले में स्थापित किया,
जैसे शेर अपने शावकों के साथ अपने मांद में बसता है
كَمْ جَدَّلَتْ كَلِمَاتُ اللهِ مِنْ جَدِلٍ
فِيهِ وَكَمْ خَصَمَ البُرْهَانُ مِنْ خَصِمِ
अल्लाह के शब्दों ने कितनी बार
उनके साथ विवाद करने वालों को गिरा दिया है! कितनी बार स्पष्ट प्रमाण ने उनके विरोधियों को तर्क में हराया है!
كَفَاكَ بِالعِلْمِ فِي الأُمِّيِّ مُعْجِزَةً
فِي الجَاهِلِيَّةِ وَالتَّأْدِيبِ فِي اليُتُمِ
आपके लिए एक चमत्कार के रूप में पर्याप्त — ऐसा ज्ञान
एक अनपढ़ व्यक्ति में पाया गया, अज्ञानता के युग में, और एक अनाथ में ऐसी परिष्कृति!