وَنَا دَاخِلْ عَالَأعْتَابُ وَعَلَى القُبَّةِ الخَضْرَا
जब मैं दहलीज़ पर प्रवेश करता हूँ और हरे गुंबद के नीचे
وَنَا دَاخِلْ عَالَأعْتَابُ وَعَلَى القُبَّةِ الخَضْرَا
और मैं दरवाज़ों पर आता हूँ और हरे गुंबद के नीचे
نَظْرَةْ نَظْرَةْ يَاسِيدِي كِرْمَالْ عَلِي وَالزَّهْرَا
एक नज़र, एक नज़र, हे मेरे स्वामी, अली और ज़हरा के लिए
بَاللّه نَظْرَةْ يَا جَدَّاهْ كِرْمَالْ عَلِي وَالزَّهْرَا
ख़ुदा की कसम, एक नज़र, हे दादा, अली और ज़हरा के लिए
وَنَا لَمْدَحْ مُحْمَّدْ وَابُو بَكِرِ الصِدِّيقِ
और मैं मुहम्मद और अबू बक्र सिद्दीक की प्रशंसा करता हूँ
بِاللَّه نَظْرَةْ يَا سِيدِي يَا صَاحِبَ التَحْقِيقِ
ख़ुदा की कसम, एक नज़र, हे मेरे स्वामी, हे सत्य के धारक
وَنَا دَاخِلْ عَالَأعْتَابُ وَعَلَى القُبَّةِ الخَضْرَا
और मैं दरवाज़ों पर आता हूँ और हरे गुंबद के नीचे
نَظْرَةْ نَظْرَةْ يَاسِيدِي كِرْمَالْ عَلِي وَالزَّهْرَا
एक नज़र, एक नज़र, हे मेरे स्वामी, अली और ज़हरा के लिए
بَاللّه نَظْرَةْ يَا جَدَّاهْ كِرْمَالْ عَلِي وَالزَّهْرَا
ख़ुदा की कसम, एक नज़र, हे दादा, अली और ज़हरा के लिए
وَنَا لَمْدَحْ مُحَمَّدْ وَعُمَرْ يَا ابْنَ الخَطَّابِ
और मैं मुहम्मद और उमर इब्न अल-ख़त्ताब की प्रशंसा करता हूँ
بِاللّه نَظْرَةْ يَا سِيدِي يَا مُلْهَمْ لِلْصَوَابِ
ख़ुदा की कसम, एक नज़र, हे मेरे स्वामी, हे धर्म के प्रेरित
وَنَا دَاخِلْ عَالَأعْتَابُ وَعَلَى القُبَّةِ الخَضْرَا
और मैं दरवाज़ों पर आता हूँ और हरे गुंबद के नीचे
نَظْرَةْ نَظْرَةْ يَاسِيدِي كِرْمَالْ عَلِي وَالزَّهْرَا
एक नज़र, एक नज़र, हे मेरे स्वामी, अली और ज़हरा के लिए
بَاللّه نَظْرَةْ يَا جَدَّاهْ كِرْمَالْ عَلِي وَالزَّهْرَا
ख़ुदा की कसम, एक नज़र, हे दादा, अली और ज़हरा के लिए
وَنَا لَمْدَحْ مُحَمَّدْ وَعُثْمَانِ ابْنَ العَفَّانِ
और मैं मुहम्मद और उस्मान इब्न अफ़्फ़ान की प्रशंसा करता हूँ
بِاللّه نَظْرَةْ يَا سِيدِي يَا جَامِعَ القُرْآنِ
ख़ुदा की कसम, एक नज़र, हे मेरे स्वामी, हे क़ुरान के संकलक
وَنَا دَاخِلْ عَالَأعْتَابُ وَعَلَى القُبَّةِ الخَضْرَا
और मैं दरवाज़ों पर आता हूँ और हरे गुंबद के नीचे
نَظْرَةْ نَظْرَةْ يَاسِيدِي كِرْمَالْ عَلِي وَالزَّهْرَا
एक नज़र, एक नज़र, हे मेरे स्वामी, अली और ज़हरा के लिए
بَاللّه نَظْرَةْ يَا جَدَّاهْ كِرْمَالْ عَلِي وَالزَّهْرَا
ख़ुदा की कसम, एक नज़र, हे दादा, अली और ज़हरा के लिए
وَنَا لَمْدَحْ مُحَمَّدْ وَعَلِي يَا قُرِّةْ عَيْنِي
और मैं मुहम्मद और अली की प्रशंसा करता हूँ, हे मेरी आँखों की ठंडक
بِاللّه نَظْرَةْ يَا سِيدِي يَا وَالِدَ السَّبْطَيْنِ
ख़ुदा की कसम, एक नज़र, हे मेरे स्वामी, हे दो पोतों के पिता