بُورِكْتِ يَا أُمَّ الْحَسَنَيْن
धन्य हैं आप, हे हसन और हुसैन की माँ
Hi
بُورِكْتِ يَا أُمَّ الْحَسَنَيْن
يَا فَاطِمَةْ الْزَّهْرَاءْ
धन्य हैं आप, ऐ हसनैन की माँ
ऐ फ़ातिमा-ज़हरा
يَا آمِنَةْ يَا أُمَّ الزَّيْنْ
يَا حَامِلَةْ الْبُشْرَى
ऐ अमानतदार, ऐ सुंदरता की जननी
ऐ शुभ संदेश लाने वाली
وَالسِّتِّ زَيْنَبْ نُورِ الْعَيْنْ
وَخَدِيجَةَ الْكُبْرَى
और सैयदा ज़ैनब नैनों का नूर हैं
और ख़दीजा-तुल-कुबरा
صَلُّوا عَلَى عَبْدِ اللهْ
مَنْ قَدْ أَتَى بِكِتَابِ اللهْ
अल्लाह के बंदे पर दुरूद भेजो
जो खुदा की किताब लेकर आए
وَمَنْ بِهِ قَدْ أَسْرَى اللهْ
سُبْحَانَ مَنْ أَسْرَى
और जिन्हें अल्लाह ने रात्रि-भ्रमण कराया
पावन है वह जिसने सैर कराई
صَلُّوا عَلَى صَحْبِ الْمُخْتَارْ
رَسُولِنَا الْأَعْظَمْ
मुस्तफ़ा के साथियों पर दुरूद भेजो
हमारे सबसे महान रसूल
حَيُّوا عَليٍ خَيْرَ الْأَبْرَارْ
إِمَامَنَا الْأَكْرَمْ
नेक लोगों में श्रेष्ठ अली को नमन करो
हमारे परम आदरणीय इमाम
وَعَلَى الْحُسَيْنْ نُورِ الْأَنْوَارْ
يَا سَعْدَ مَنْ سَلَّمْ
और हुसैन पर जो नूरों के नूर हैं
वह कितना भाग्यशाली है जो सलाम भेजता है
يَا أَهْلَ بَيْتِ الْمُصْطَفَى
عَلَيْكُمْ اَلْسَّلَامْ
ऐ मुस्तफ़ा के अहल-ए-बैत
आप पर सलाम हो
أَهْلَ الْأَمَانَةْ وَالْوَفَا
وَالْخَيْرِ وَالْإِكْرَامْ
अमानत और वफ़ा के घराने
और भलाई व उदारता के स्वामी