هَدَى اللهُ مَعْشُوقَ الجَمَالِ إِلَى الهُدَى
May Allah Guide the Beloved of Beauty to Guidance
Hi
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هَدَى اللهُ مَعْشُوقَ الْجَمَالِ إِلَى الْهُدَى
وَجَنَّبَهُ مَا يَخْتَشِيهِ مِنَ الْرَّدَى
अल्लाह सौंदर्य के प्रिय को सत्य मार्ग दिखाए,
और उसे उस विनाश से बचाए जिससे वह डरता है।
وَنَفْسَ حَسُودٍ أَسْخَنَ اللّهُ عَيْنَهُ
وَأَسْهَرَهُ حَتَّى يَبِيتَ مُسَهَّدَا
और ईर्ष्यालु की आत्मा की आँखों को ईश्वर शोक से जला दे,
और उसे तब तक जगाए रखे जब तक वह रात अनिद्रा में न बिता दे।
وَلَا بَرِحَتْ تُهْدِي لَنَا ظَبْيَةُ الْحِمَى
مِنَ الْمِسْكِ وَالْكَافُورِ فِي غَفْلَةِ الْعِدَا
पवित्र स्थल की हिरणी हमें उपहार देना कभी न छोड़े,
कस्तूरी और कपूर, जबकि शत्रु बेखबर रहें।
أُحِبُّ لَهَا دَمُّونَ وَالْنَّجْدَ وَالْرُّبَا
وَ خَيْلَةَ وَالْشِّعْبَ الَّذِي نُورُهُ بَدَا
उसी के निमित्त मुझे दम्मून, नज्द और पहाड़ियाँ प्रिय हैं,
और खैला और वह घाटी जहाँ उसका नूर प्रकट हुआ।
مُحَجَّبَةٌ مِنْ هَاشِمٍ وَمُحَمَّدٍ
عَلَيْهِ صَلَاةُ اللّهْ دَأْبًا وَسَرْمَدَا
हाशमी और मुहम्मद के वंश की एक ओझल सुंदरी,
उन पर ईश्वर की कृपा निरंतर और शाश्वत बनी रहे।
فَلَا تَعْذُلُونِي فِي الْمَلِيحَةِ وَاعْذُرُوا
فَقَلْبِي بِهَا يُمْسِي عَلَيْهَا كَمَا غَدَا
तो उस सुंदरी के विषय में मुझे न कोसें बल्कि क्षमा करें,
क्योंकि मेरा हृदय सुबह-ओ-शाम उसी के साथ रहता है।
فَيَا أَيُّهَا الْعُذَّالُ رِفْقًا وَرَحْمَةً
بِصَبٍّ كَئِيبٍ عَيْشُهُ قَدْ تَنَكَّدَا
ऐ निंदा करने वालों, थोड़ी कोमलता और दया दिखाओ,
उस दुखी प्रेमी पर जिसका जीवन कष्टमय हो गया है।
وَلَا تَتَوَهَّمْ ظَبْيَةَ الْحَيِّ أَنَّنِي
صَبَوتُ مَعَاذَ اللّهْ وَالْحَادِ قَدْ حَدَا
और ऐ कबीले की हिरणी, यह न समझो कि मैं
मोह में पड़ गया हूँ, ईश्वर न करे, जबकि सारथी ने अपना गीत गाया है।
وَسَاقَ نِيَاقَ الْشَّوْقِ يَقْصِدُ مَعْهَدًا
بِهِ نَزَلَ الْأَقْوَامُ فِي رَوْضَةِ الْنَّدَى
तड़प के ऊँटों को हांकते हुए, उस पवित्र स्थान की ओर,
जहाँ लोग ओस से भीगे उपवन में ठहरे हुए हैं।
بِعَِيْدِيدَ حَيَّ اللّهُ عَيْدِيْدَ كُلَّهُ
بِسَارِيَةٍ مَهْمَا شَرَى الْبَرْقُ أَرْ عَدَا
अैदीद में, अल्लाह पूरे अैदीद की रक्षा करे,
गुज़रते हुए बादलों से, जब भी बिजली चमके या बादल गरजें।
وَجَازَ الْرِّيَاضَ الْخُضْرَ مِنْ وَادِي الْنَّقَا
بِزَنْبَلَ مِنْ بَشَّارْ مَا قُمَرِيٌ شَدَا
काश ये वादी-ए-नक़ा के हरे-भरे मैदानों से गुज़रे,
ज़ंबल और बशार तक, जब तक कि फाख्ता गीत गाती रहे।
وَعَمَّ الْفُرَيْطَ الْنُّورُ مَعْ أَهْلِ بَكْدَرٍ
هَوَاطِلُ غُفْرَانٍ مَعَ الْأَمْنِ مِنْ رَدَى
और अल-फुरैत और बकदर के लोगों को नूर घेर ले,
क्षमा की वर्षा और विनाश से सुरक्षा के साथ।
فَكَمْ ضَمْنَ هَاتِيكَ الْمَقَابِرِ عَارِفٌ
وَحَبْرٌ بِهِ فِي ظُلْمَةِ الْجَهْلِ يُهْتَدَى
क्योंकि उन कब्रिस्तानों में न जाने कितने आरिफ समाए हैं?
और कितने महान विद्वान, जिनके द्वारा अज्ञानता के अंधेरे में मार्ग मिलता है।
بِعَيْدِيدَ عَادَتْ كُلُّ عِيدٍ أَنِيسَةٍ
مَعَ الْجِيرةِ الْغَادِينَ مِن مَعْشَرِ الْهُدَى
अैदीद में, हर उत्सव आत्मीयता का स्रोत बन गया है,
उन पड़ोसियों के साथ जो वहां जाते हैं, जो सत्य मार्ग वाले लोग हैं।
أَئِمَّةِ دِينِ اللَّهِ يَدْعُونَ خَلْقَهُ
إِلَى بَابِهِ طُوبَى لِمَنْ سَمِعَ الْنِّدَا
ईश्वर के धर्म के इमाम, उसकी सृष्टि को पुकारते हैं,
उसके द्वार की ओर; धन्य है वह जिसने उस पुकार को सुना!
وَسَارَ إِلَى الْرَّبِّ الْعَظِيمِ مُبَادِراً
لِطَاعَتِهِ يَرْجُو الْنَّعِيمَ الْمُخَلَّدَا
और उस महान प्रभु की ओर शीघ्रता से बढ़ो,
उसकी आज्ञाकारिता में, शाश्वत आनंद की खोज करते हुए।
وَيَخْشَى عَذَابَ اللّهْ فِي نَارِهِ الَّتِي
يُخَلَّدُ فِيهَا مَنْ طَغَى وَتَمَرَّدَا
उसकी अग्नि में ईश्वर के दंड से डरते हुए,
जिसमें अत्याचारी और विद्रोही सदैव वास करेंगे।
وَلَمْ يَتَّبِعْ خَيْرَ الْأَنَامِ مُحَمَّداً
نَبِيَّ الْهُدَى بَحْرَ الْنَّدَى مُجْلِيَ الْصَّدَا
जिन्होंने मानव जाति के सर्वश्रेष्ठ, मुहम्मद का अनुसरण नहीं किया,
जो सत्य मार्ग के पैगंबर, उदारता के सागर और हृदय के मैल को दूर करने वाले हैं।
عَلَيْهِ صَلَاةُ اللّهِ ثُمَّ سَلَامُهُ
صَلَاةً وَتَسْلِيمًا إِلَى آخِرِ الْمَدَى
उन पर अल्लाह की कृपा और फिर उसकी शांति हो,
समय के अंत तक कृपा और शांति बनी रहे।