الشَّفِيعُ الأَبْطَحِيُّ
मक्की सिफ़ारिशी
Hi
الصَّلَاةُ عَلَى النَّبِي
وَالسَّلَامُ عَلَى الرَّسُولْ
नबी पर प्रार्थना
और रसूल पर सलाम
الشَّفِيعُ الأَبْطَحِي
وَمُحَمَّدْ عَرَبِي
शफीअ अल-अब्तही
और मुहम्मद अरबी
خَيْرُ مَنْ وَطِـئَ الثَّرَى
المُشَفَّعُ فِي الوَرَى
धरती पर चलने वालों में सबसे श्रेष्ठ
सभी सृष्टि के लिए शफाअत करने वाले
مَنْ بِهِ حُلَّتْ عُـرَى
كُلِّ عَبْدٍ مُذْنِبِ
जिससे हर पापी सेवक की जंजीरें खुल गईं
उसके समान कोई नहीं
مَا لَهُ مِنْ مُّشْبِهٍ
فَازَ أُمَّتُهُ بِهِ
उसकी उम्मत ने उसके साथ विजय प्राप्त की
जो उसके प्रेम में मरता है
مَنْ يَمُتْ فِي حُبِّهِ
نَالَ كُلَّ المَطْلَبِ
हर इच्छा को प्राप्त करता है
मैं उससे मोहित हूँ
أَنَا مَفْتُونٌ بِهِ
طَامِعٌ فِي قُرْبِهِ
उसकी निकटता की लालसा रखता हूँ
हे प्रभु, उसे मेरे पास शीघ्रता से लाओ
رَبِّ عَجِّلْ لِي بِهِ
عَلَّ يَصْفُو مَشْرَبِي
शायद मेरा पेय शुद्ध हो जाए
कितने बीमारों को उसने ठीक किया
كَمْ شَفَا مِنْ مسْقِمٍ
كَمْ جَلَا مِنْ أَظْلُمِ
कितनी अंधकारों को उसने दूर किया
कितनी अनुग्रहें उसके पास हैं
كَمْ لَهُ مِنْ أَنْعُمٍ
لِلْفَطِينِ وَلِلْغَبِيّ
बुद्धिमान और सरल के लिए
कितने महान कार्य उसके पास हैं
كَمْ لَهُ مِنْ مَكْرُمَاتْ
كَمْ عَطَايَا وَافِرَاتْ
कितनी प्रचुर उपहारें
कितने विश्वसनीय लोगों ने उससे
كَمْ رَوَتْ عَنْهُ الثِّقَاتْ
كُلَّ عِلْمٍ وَاجِبِ
हर आवश्यक ज्ञान का वर्णन किया
धन्य है वह चुना हुआ
نِعْمَ ذَاكَ المُصْطَفَى
ذُو المُرُوءَةِ وَالوَفَاءْ
सम्मान और वफादारी वाला
अहमद का गुण छुपा नहीं है
فَضْلُ أَحْمَدَ مَا خَفَى
شَرْقَهَا وَالمَغْرِبِ
पूर्व और पश्चिम में
कितने लोग उससे मोहित हैं
كمْ بِهِ مِنْ مُولَعٍ
غَارِقٍ فِي الأَدْمُعِ
आंसुओं में डूबे हुए
उनका मन जब बुलाया गया
عَقْلُهُ لَمَّا دُعِي
فِي مَحَبَّتِهِ سُبِي
उसके प्रेम में कैद हो गया
हे अल्लाह के रसूल, हे
يَا رَسُولَ اللهِ يَا
خَيْرَ كُلِّ الأَنْبِيَاءْ
सभी नबियों में सबसे श्रेष्ठ
हमें गहराई से बचाओ
نَجِّنَا مِنْ هَاوِيَةْ
يا زَكِيَّ المَنْصِبِ
हे शुद्ध पद वाले
और मार्गदर्शन के ध्वज पर
وَعَلَى عَلَمِ الهُدَى
أَحْمَدَ مُفْنِي العِدَى
अहमद, शत्रुओं का नाशक
यथार्थ में सलाम प्रदान करो
جُدْ بِتَسْلِيمٍ بَدَا
لِلنَّبِيِّ اليَثْرِبِيّ
यथ्रिब के नबी को
और उस पर सलाम हो
وَعَلَيْهِ فَسَلِّمْ مَا
مَاسَ غُصْنٌ فِي الحِمَا
जब तक कि अभयारण्य में कोई शाखा हिलती है
या आकाश का पूर्ण चंद्रमा
أَوْ بَدَا بَدْرُ السَّمَا
فِي بَهِيمِ الغَيْهَبِ
रात की अंधकार में दिखाई देता है