بَادِرْ لَقَدْ فَاتَتْكَ الْغَنَائِمْ
शीघ्रता करो! ग़नीमतें तुम्हारे हाथ से निकल गईं।
Hi
Hi
بَادِرْ لَقَدْ فَاتَتْكَ الْغَنَائِمْ
تَقَاسَمُوهَا وَأَنْتَ نَائِمْ
जल्द कर, तेरे हाथ से ये नेमतें निकल गईं
उन्होंने इसे बाँट लिया और तू सोता रहा
وَلَوْ رَأَيْتَ الَّذِينَ فَازُوا
نُحْتَ كَمَا نَاحَتِ الْحَمَائِمْ
यदि तू उन्हें देख लेता जिन्होंने इनाम पा लिया
तो तू वैसे ही रोता जैसे फाख्ता विलाप करते हैं
إِنْ رُمْتَ أَلَّا تَكُونَ نَادِمْ
قُمْ لِحَبِيبِ الْقُلُوبِ لَازِمْ
यदि तू चाहता है कि तुझे कभी पछतावा न हो
तो उठ और दिलों के महबूब का दामन थाम ले
وَلَازِمِ الْبَابَ يَا مُعْنَّى
إِنَّ الْسَّعِيدَ الَّذِي يُلَازِمْ
ऐ थकी हुई रूह, उनके दर पर डटा रह
क्योंकि भाग्यशाली वही है जो दर नहीं छोड़ता
مَنْ لَازِمَ الْبَابَ نَالَ قُرْبا
وَفَازَ بِالْأَجْرِ وَالْغَنَائِمْ
जिसने दर को थामे रखा, उसने निकटता पा ली
और उसने इनाम और बड़ी सफलता हासिल कर ली
وَلَا تَنَمْ سَاعَةَ الْتَّجَلِّي
فَلَيْسَ يَحْظَى بِالْأَجْرِ نَائِمْ
खुदा की तजल्ली के वक्त मत सो
क्योंकि सोने वाले को कभी फल नसीब नहीं होता
قَدْ جَرَحَتْ قَلْبِيَ الْخَطَايَا
وَلَسْتُ أَلْقَى لَهَا مَرَاهِمْ
गुनाहों ने मेरे दिल को गहरे जख्म दिए हैं
और मुझे इनके लिए कोई मरहम नहीं मिल रहा
سِوَى الْرِّضَا مِنْكَ يَا إِلَهِي
يَا وَاسِعَ الْجُودِ وَالْمَكَارِمْ
सिवाय तेरी रज़ा के, ऐ मेरे परवरदिगार
ऐ बेपनाह सखावत और मेहरबानी वाले
وَقَدْ تَوَسَّلْنَا يَا إِلَهِي
بِسَيِّدِ الْعَرَبِ وَالْأَعَاجِمْ
और हमने तेरे हुज़ूर वसीला लिया है, ऐ मेरे इलाही
अरब और अजम के सरदार के ज़रिए
نَبِيِّنَا الْمُصْطَفَى الْتِّهَامِي
مَنْ جَاءَ لِلْأَنْبِيَاءِ خَاتَمْ
हमारे नबी, मुस्तफ़ा, तिहामी
जो तमाम नबियों के आखिर बनकर आएो।